देश की खबरें | कांग्रेस हमेशा से जाति जनगणना का विरोध करती रही है: शिवराज

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भोपाल, 30 अप्रैल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कांग्रेस पर जाति गणना कराने के केंद्र के फैसले का श्रेय लेने के लिए “होड़” करने का आरोप लगाया और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने आरक्षण व मंडल आयोग का विरोध किया था।

आगामी जनगणना में जाति गणना को शामिल करने की केंद्र की घोषणा की सराहना करते हुए चौहान ने कहा कि यह समाज के सभी वर्गों के आर्थिक और सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी तरीके से की जाएगी।

भोपाल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के दिनों से लगातार कांग्रेस सरकारों ने कभी जाति गणना नहीं की और कांग्रेस पार्टी हमेशा से जाति जनगणना का विरोध करती रही है।

चौहान ने कहा, "यह एक ऐतिहासिक फैसला है। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हार्दिक बधाई देता हूं और उनका आभार व्यक्त करता हूं।"

उन्होंने कहा कि जाति गणना पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और समाज के सभी वर्गों के आर्थिक और सामाजिक हितों को ध्यान में रखा जाएगा।

सामाजिक कल्याण के लिए मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए चौहान ने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने को याद किया।

उन्होंने कहा, "उस फैसले से देश में (जाति के आधार पर) कोई तनाव नहीं हुआ। इसी तरह, सामाजिक न्याय के लिए सबका साथ , सबका विकास , सबका कल्याण के ध्येय से अगामी जाति गणना की जाएगी।"

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “जाति गणना के फैसले का श्रेय लेने के लिए कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के बीच होड़ चल रही है। मैं (लोकसभा में विपक्ष के नेता) राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि जब कांग्रेस ने वर्षों तक देश पर शासन किया, तब भारत में जाति जनगणना क्यों नहीं कराई गई।”

उन्होंने कहा, “उनके पहले प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में जाति के आधार पर आरक्षण का विरोध किया था। यह पत्र रिकार्ड में है, जो दर्शाता है कि उन्होंने जाति और जातिगत जनगणना का लगातार विरोध किया।”

केंद्रीय मंत्री ने जाति गणना न करने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए सवाल किया, "काका कालेलकर की रिपोर्ट को किसने दबाया? नेहरू जी का रुख ऐसा नहीं था। स्वर्गीय इंदिरा जी (पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी) ने क्या किया? जब मंडल आयोग की रिपोर्ट पेश की गई तो कांग्रेस का क्या रुख था? कांग्रेस ने हमेशा जाति जनगणना का विरोध किया है।"

उन्होंने कहा कि देश को याद है कि 1980 के दशक में जब मंडल आयोग की सिफारिशों को पेश किया गया था, तो (प्रधानमंत्री स्वर्गीय) इंदिरा गांधी जी ने इसका विरोध किया था और बीपी मंडल की जाति जनगणना की मांग को तत्कालीन गृह मंत्री ज्ञानी जैल सिंह ने खारिज कर दिया था।

चौहान ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद को आश्वासन दिया था कि कैबिनेट जाति जनगणना पर विचार करेगी, लेकिन केवल मंत्रियों का एक समूह बनाया गया, फिर भी जाति जनगणना कभी नहीं की गई। "केवल एक सर्वेक्षण किया गया था।”

उन्होंने सवाल किया कि सोनिया गांधी जी और मनमोहन सिंह ने जाति जनगणना क्यों नहीं कराई?

उन्होंने कहा कि उस समय एसईसीसी के सर्वेक्षण डेटा में हजारों त्रुटियां थीं और लगभग खारिज कर दी गई थीं तब कांग्रेस कहां थी?

दिमो

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