देश की खबरें | विधायक के दलबदल करने के बाद कांग्रेस का टीएमसी पर प्रहार, ममता की पार्टी का पलटवार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने इकलौते विधायक बायरन बिस्वास के सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने के एक दिन बाद मंगलवार को कहा कि इस तरह की खरीद-फरोख्त से विपक्षी एकजुटता को मजबूती नहीं मिलेगी और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के उद्देश्य पूरे होंगे।
नयी दिल्ली, 30 मई कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने इकलौते विधायक बायरन बिस्वास के सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने के एक दिन बाद मंगलवार को कहा कि इस तरह की खरीद-फरोख्त से विपक्षी एकजुटता को मजबूती नहीं मिलेगी और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के उद्देश्य पूरे होंगे।
टीएमसी ने पलटवार करते हुए कहा कि ममता बनर्जी की ओर से समर्थन की घोषणा के बावजूद कांग्रेस ने विपक्षी एकजुटता के विषय पर विश्वास तोड़ा है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, " ऐतिहासिक जीत के तीन महीने बाद कांग्रेस विधायक बायरन बिश्वास को टीएमसी ने प्रलोभन देकर अपने साथ कर लिया। यह सागरदिघी विधानसभा क्षेत्र की जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात है।''
उन्होंने कहा, "इस तरह की खरीद-फरोख्त पहले भी गोवा, मेघालय, त्रिपुरा और कुछ राज्यों में हो चुकी है। इससे विपक्षी एकता मजबूत नहीं होगी और सिर्फ भाजपा के उद्देश्यों की पूर्ति होगी।"
टीएमसी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओब्रायन ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ममता बनर्जी के समर्थन के बावजूद कांग्रेस ममता बनर्जी से ही लड़ने का संकल्प लेती है। कांग्रेस विपक्षी एकजुटता पर विश्वास तोड़ती है और फिर गुलदस्ते की उम्मीद करती है। फिर भाजपा को मजबूत करने की बात क्या करना?’’
कांग्रेस और टीमएसी के बीच यह वार-पलटवार उस समय हो रहा है जब अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्षी एकजुटता की कवायद तेज है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 12 जून को पटना में विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस के इकलौते विधायक बायरन बिस्वास सोमवार को सत्तारूढ़ टीएमसी में शामिल हो गये।
बिस्वास सत्तारूढ़ पार्टी के जनसंपर्क अभियान ‘नवज्वार’ के दौरान टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।
बिस्वास ने इस वर्ष की शुरुआत में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सागरदिघी सीट जीती थी। इस तरह राज्य विधानसभा में कांग्रेस का खाता खुला था, क्योंकि 2021 के विधानसभा चुनावों में पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया था।
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