देश की खबरें | आंबेडकर के प्रति हमेशा ‘‘शत्रुता का भाव’’ रखने के लिए माफी मांगे कांग्रेस : मुख्यमंत्री यादव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश में डॉ. बीआर आंबेडकर की विरासत को लेकर जारी राजनीतिक रस्साकशी के बीच, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि संविधान निर्माता के प्रति कांग्रेस ने हमेशा ‘‘शत्रुता का भाव’’ रखा और इस पार्टी के नेताओं को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

इंदौर, 14 अप्रैल देश में डॉ. बीआर आंबेडकर की विरासत को लेकर जारी राजनीतिक रस्साकशी के बीच, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि संविधान निर्माता के प्रति कांग्रेस ने हमेशा ‘‘शत्रुता का भाव’’ रखा और इस पार्टी के नेताओं को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

यादव, आंबेडकर की 134वीं जयंती पर उनकी जन्मस्थली महू पहुंचे और संविधान निर्माता के सम्मान में बनाए गए स्मारक में उन्हें श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस आंबेडकर के लिए सदैव शत्रुता का भाव रखती आई है। हम उम्मीद करते हैं कि अतीत में आंबेडकर के साथ किए गए गलत व्यवहार के लिए कांग्रेस क्षमा मांगेगी।’’

यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आंबेडकर का हमेशा अपमान किया। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने देश की आजादी से पहले और इसके बाद आंबेडकर के योगदान को नकारा। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आंबेडकर को चुनाव में हरवाकर लोकसभा में आने से रोका।’’

यादव ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने आंबेडकर को ‘‘भारत रत्न’’ देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया, जबकि जिस व्यक्ति ने आंबेडकर को चुनाव हराया, उसे ‘‘पद्म’’ सम्मान से नवाजा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों ने देश-विदेश में आंबेडकर के जीवन से जुड़े स्थलों को विकसित किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने दूध उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए आंबेडकर के नाम पर हाल ही में बड़ी योजना घोषित की है और केंद्र सरकार ने आंबेडकर जन्मस्थली महू को नयी दिल्ली से जोड़ने के लिए यात्री रेलगाड़ी शुरू की है।

यादव ने आंबेडकर को उनकी जयंती पर याद करते हुए कहा कि संविधान निर्माता का पूरा जीवन सामाजिक समानता, एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहा और उन्होंने देश की आजादी से पहले ही भविष्य की सामाजिक चुनौतियों को भांप लिया था।

मुख्यमंत्री ने आंबेडकर जयंती पर महू में एक भव्य समारोह को संबोधित भी किया और आंबेडकर जन्मस्थली आने वाले श्रद्धालुओं के वास्ते सुविधाएं बढ़ाने के लिए 3.5 एकड़ जमीन देने की घोषणा की।

आंबेडकर ने ब्रितानी राज के सैन्य अफसर रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की संतान के रूप में 14 अप्रैल 1891 को महू के काली पलटन इलाके में जन्म लिया था।

प्रदेश सरकार ने आंबेडकर जन्मस्थली पर बनाए गए स्मारक को 14 अप्रैल 2008 को उनकी 117वीं जयंती के मौके पर लोकार्पित किया था। यह स्मारक आंबेडकर के अनुयायियों के लिए श्रद्धा का बड़ा केंद्र है।

आंबेडकर जयंती पर इस स्मारक में उनके अनुयायियों का तांता लगा देखा गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\