देश की खबरें | कोविड-19 पर स्थगन प्रस्ताव नामंजूर होने पर कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने असम विधानसभा से किया बहिर्गमन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम में सोमवार को विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने कोविड-19 महामारी और उससे निपटने के राज्य सरकार के तौर तरीके पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नामंजूर कर दिये जाने पर विधानसभा से बहिर्गमन किया।
गुवाहाटी, 31 अगस्त असम में सोमवार को विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने कोविड-19 महामारी और उससे निपटने के राज्य सरकार के तौर तरीके पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नामंजूर कर दिये जाने पर विधानसभा से बहिर्गमन किया।
हालांकि असम सरकार ने कहा कि वह इस मामले पर चर्चा के लिए तैयार है बशर्ते उसे (इस विषय को) स्थगन प्रस्ताव के बजाय किसी अन्य तरीके से सदन में लाया जाए।
विपक्ष के नेता देवब्रत सैकिया ने महामारी के चलते राजस्व पर प्रभाव संबंधी वित्त मंत्री हिमंत विश्व शर्मा के हाल के एक बयान का जिक्र किया और इस पर विस्तार से चर्चा की अनुमति मांगी।
शर्मा ने 29 अगस्त को घोषणा की थी कि राज्य कोविड-19 मरीजों को दी जा रही अनेक मुफ्त सुविधाओं में कुछ वापस लेगी क्योंकि वह इस महामारी से निपटने में भारी खर्च के कारण वित्तीय दबाव से जूझ रही है।
एआईयूडीएफ की स्थगन प्रस्ताव नोटिस पर पार्टी के विधायक हाफिज बशीर अहमद ने कहा कि नियमों के अनुसार जो सामयिक, निश्चित और तात्कालिक एवं जनमहत्व का विषय हो , उस पर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा हो सकती है।
संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने नोटिस का विरोध करते हुए कहा कि इस महामारी ने न केवल असम को बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित किया है।
सत्तापक्ष और विपक्ष की बातें सुनने के बाद अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने कहा कि यह मामला तात्कालिक प्रकृति का नहीं है क्योंकि यह चार पांच महीने से है। गोस्वामी ने इसी के साथ स्थगन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।
इस पर कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने आपत्ति की । कांग्रेस के सदस्यों ने सदन के अंदर तख्तियां दिखायीं। अध्यक्ष के नहीं मानने पर इन दोनों दलों के सदस्य उठकर सदन से चले गये।
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