देश की खबरें | कांग्रेस ने एलडीएफ घटकों पर माकपा का समर्थन करने के लिए बाध्य होने का आरोप लगाया, भाकपा का इनकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के घटक दलों को एडीजीपी एमआर अजित कुमार की राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) पदाधिकारी से मुलाकात मुद्दे पर अपने रुख का त्याग करना पड़ा और गठबंधन के सबसे बड़े घटक दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कदम को स्वीकार करने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ा।

तिरुवनंतपुरम, 12 सितंबर कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के घटक दलों को एडीजीपी एमआर अजित कुमार की राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) पदाधिकारी से मुलाकात मुद्दे पर अपने रुख का त्याग करना पड़ा और गठबंधन के सबसे बड़े घटक दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कदम को स्वीकार करने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ा।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अजित कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के फैसले के समर्थन में एलडीएफ द्वारा एक बैठक किये जाने के एक दिन बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सुधाकरन ने यह बयान दिया।

विजयन ने जांच पूरी होने तक कोई कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया था। कुमार पर कई आरोप लगाए गए हैं।

अजित कुमार को 2023 में आरएसएस पदाधिकारियों के साथ बैठक के लिए विपक्ष और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) सहित एलडीएफ के घटक दलों की आलोचना का भी सामना करना पड़ा था।

वामपंथी विधायक पीवी अनवर ने कुमार के खिलाफ ये आरोप लगाए थे।

भाकपा के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अजित कुमार की आरएसएस पदाधिकारियों के साथ बैठक पर उनकी पार्टी का रुख अपरिवर्तित है और इसमें कोई बदलाव नहीं आया है।

सुधाकरन ने वामपंथी घटक दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे माकपा और मुख्यमंत्री को सही रास्ता दिखाने में असमर्थ हैं और उन्हें अपने रुख का त्याग करने तथा माकपा की इच्छाओं के आगे झुकने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजयन माकपा और एलडीएफ के भीतर आरएसएस का प्रभाव बढ़ा रहे हैं और भगवाकरण को बढ़ावा दे रहे हैं।

केरल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “माकपा ने आरएसएस के प्रति अपने ऐतिहासिक द्वेष को आसानी से भुला दिया। पार्टी अब एक वैचारिक चुनौती का सामना कर रही है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि एडीजीपी अजित कुमार जैसे आरएसएस से जुड़े अधिकारियों का एक समूह अब माकपा के लिए अपने नेताओं की तुलना में अधिक पसंदीदा बन गया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया, “एडीजीपी की आरएसएस पदाधिकारियों के साथ बैठक के लिए मुख्यमंत्री की पूरी सहमति थी। इसलिए मुख्यमंत्री तकनीकी पहलुओं का हवाला देकर एडीजीपी को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।”

भाकपा के राज्य सचिव विश्वम ने कांग्रेस द्वारा पार्टी के रुख में बदलाव के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

विश्वम ने संवाददाताओं से कहा, “अगर मुख्यमंत्री जांच रिपोर्ट का इंतजार करने को कहते हैं तो हम सभी को इसे स्वीकार करने की राजनीतिक शालीनता रखनी चाहिए।”

उनका इशारा बुधवार को हुई बैठक में विजयन द्वारा वामपंथी दलों के नेताओं को दिए गए संदेश की ओर था।

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