जरुरी जानकारी | संभावित बंपर फसल के कारण गेहूं खरीद लक्ष्य हासिल करने का भरोसा: खाद्य सचिव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की संभावना को देखते हुए केंद्र ने बृहस्पतिवार को 3.42 करोड़ टन गेहूं खरीद का लक्ष्य हासिल करने का भरोसा जताते हुए कहा कि बेमौसम बारिश से पंजाब और हरियाणा में फसल को हुए नुकसान के मद्देनजर जल्द ही इन दोनों स्थानों पर खरीद के लिए गुणवत्ता नियमों में ढील देने पर विचार किया जाएगा।
नयी दिल्ली, छह अप्रैल भारत में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की संभावना को देखते हुए केंद्र ने बृहस्पतिवार को 3.42 करोड़ टन गेहूं खरीद का लक्ष्य हासिल करने का भरोसा जताते हुए कहा कि बेमौसम बारिश से पंजाब और हरियाणा में फसल को हुए नुकसान के मद्देनजर जल्द ही इन दोनों स्थानों पर खरीद के लिए गुणवत्ता नियमों में ढील देने पर विचार किया जाएगा।
इससे पहले दिन में द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए, रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रिकॉर्ड रबी फसल की उम्मीद खाद्य कीमतों के दबाव को कम करने के लिए एक अच्छा संकेत है।
गवर्नर ने कहा, ‘‘आपूर्ति पक्ष में सरकार के दखल देने से मार्च में गेहूं की कीमतों में गिरावट आने के पहले से ही सबूत हैं। हालांकि, देश के कुछ अन्य हिस्सों में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के प्रभाव पर नजर रखने की जरूरत है।’’
केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश के कुछ हिस्सों में मौसम खराब होने से अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने के बावजूद सरकार जून को समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड 11.22 करोड़ टन गेहूं उत्पादन को लेकर आशान्वित है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा में बेमौसम बारिश होने से उत्पादन को होने वाले नुकसान की भरपाई कम तापमान के कारण अन्य गेहूं उत्पादक राज्यों में अपेक्षित उपज वृद्धि से हो जाएगी।
चोपड़ा ने कहा कि केंद्र ने मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद के लिए गुणवत्ता मानदंडों में पहले ही ढील दे दी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों को मौसम की मार से नुकसान न हो और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिले।
चोपड़ा ने कहा, ‘‘पिछले दो हफ्तों में खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल को कुछ नुकसान हुआ है। लेकिन उत्पादन में कमी मामूली होगी। हम 11.22 करोड़ टन के समग्र उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रति आशान्वित हैं।’’
उन्होंने कहा कि पंजाब के 16 जिलों और हरियाणा के कुछ हिस्सों में फसल के नुकसान की खबरें हैं, लेकिन नुकसान की मात्रा का अंतिम अनुमान अभी तक नहीं लगाया जा सका है। हालांकि, मामूली उत्पादन नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा में कुछ उत्पादन के संदर्भ में नुकसान हो सकता है, लेकिन इस बात की संभावना है कि उत्तर प्रदेश और बिहार में कम तापमान के कारण देरी से बोई जाने वाली किस्मों में उपज वृद्धि से इस नुकसान की भरपाई हो जाएगी।
चोपड़ा ने कहा, ‘‘शुद्ध रूप से, मुझे लगता है कि हम शायद 11.2 करोड़ टन के उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे या सबसे खराब स्थिति में भी उत्पादन में मामूली गिरावट हो सकती है।’’ उन्होंने कहा कि व्यापारियों को उत्पादन में नुकसान को लेकर घबराने की जरुरत नहीं है।
गेहूं की खरीद के बारे में, सचिव ने विश्वास जताया कि सरकार चालू विपणन वर्ष (अप्रैल-मार्च) में 3.42 करोड़ टन के खरीद लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी।
उन्होंने कहा कि चूंकि बेमौसम बारिश के कारण अनाज की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, इसलिए कुछ राज्य सरकारों ने खरीद नियमों में छूट की मांग की है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने मध्य प्रदेश के लिए गुणवत्ता मानदंडों में पहले ही ढील दे दी है। पंजाब और हरियाणा ने भी छूट की मांग की है। हमारे अधिकारी नमूने एकत्र करने के लिए क्षेत्र में हैं और उम्मीद है कि हम अगले सप्ताह इस बारे में फैसला करेंगे।’’
अभी तक सरकार ने 2.5-3.5 लाख टन गेहूं की खरीद ज्यादातर मध्य प्रदेश से की है। खराब मौसम के कारण गेहूं की कटाई में थोड़ी देर हुई है।
पिछले वर्ष कुछ राज्यों में समय से पहले गर्मी पड़ने से उपज प्रभावित होने और अधिक निर्यात के कारण गेहूं की खरीद घटकर एक करोड़ 87.9 लाख टन रह गई थी।
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