जरुरी जानकारी | प्रतिस्पर्धा आयोग ने 10 कागज निर्माता कंपनियों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

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नयी दिल्ली, 18 नवंबर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने गुटबंदी’ के दोषी पाए गए 10 कागज निर्माताओं पर पांच-पांच लाख रुपये तथा एक एसोसिएशन पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

एसोसिएशन - इंडियन एग्रो एंड रिसाइकल्ड पेपर मिल्स एसोसिएशन - को प्रतिस्पर्धा-रोधी गतिविधियों को संचालित करने के मकसद से अपना मंच प्रदान करने के लिए दंडित किया गया है।

जिन कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया है उनमें- बिंदल्स पेपर्स मिल्स, के.आर. पल्प एंड पेपर्स, खन्ना पेपर मिल्स, कात्यायनी पेपर मिल्स, क्वांटम पेपर्स, मध्य भारत पेपर्स, नैनी पेपर, रुचिरा पेपर्स और श्रेयन्स इंडस्ट्रीज शामिल हैं।

नियामक ने कागज निर्माताओं, एसोसिएशन और उनके संबंधित अधिकारियों को भविष्य में प्रतिस्पर्धा-रोधी आचरण से बचने का भी निर्देश दिया।

सीसीआई ने पाया कि इन कंपनियों और एसोसिएशन ने लेखन और छपाई कागज की कीमतें तय करने के लिए गुटबंदी की। वहीं एसोसिएशन ने गुटबंदी के लिए अपना मंच प्रदान किया था।

दो अन्य मामलों की चल रही जांच के दौरान मिली कुछ सामग्री के आधार पर आयोग द्वारा स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले को शुरू किया गया था।

सीसीआई की जांच शाखा महानिदेशक ने कहा कि गुटबंदी की अवधि सितंबर, 2012 और मार्च, 2013 के बीच थी।

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