जरुरी जानकारी | रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त समिति ने यूसीबी के लिए चार स्तरीय संरचना का सुझाव दिया
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मुंबई, 23 अगस्त भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त एक समिति ने जमाराशि के आधार पर शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लिए चार स्तरीय संरचना का सुझाव दिया है और उनके आकार के आधार पर उनके लिए विभिन्न पूंजी पर्याप्तता और नियामक मानदंड निर्धारित किए हैं।
समिति ने कहा है कि यूसीबी को चार श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है- 100 करोड़ रुपये तक जमा राशि के साथ टियर-1, रुपये 100 से 1,000 करोड़ रुपये के साथ टियर-2 और 1,000 करोड़ रुपये से 10,000 रुपये तक के साथ टियर-3 तथा 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि के साथ टियर-4 यूसीबी श्रेणियां बनाई जा सकतीं हैं।
इसने सुझाव दिया है कि उनके लिए न्यूनतम पूंजी जोखिम- संपत्ति अनुपात (सीआरएआर) नौ प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक अलग-अलग हो सकते हैं वहीं टियर -4 यूसीबी के लिए बेसल 3 निर्धारित मानदंड रखे जा सकते हैं।
समिति ने यूसीबी की अलग-अलग श्रेणियों की खातिर आवास रिण, सोने के आभूषणों पर ऋण और असुरक्षित ऋण के लिए अलग-अलग उच्च सीमायें निर्धारित की हैं।
रिजर्व बैंक ने फरवरी में पूर्व डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन की अध्यक्षता में प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंकों के मामले में विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।
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