देश की खबरें | जलवायु परिवर्तन का दुनिया पर असर पड़ा है, हरियाली इस संकट का समाधान कर सकती है : अमित शाह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन का दुनिया पर असर पड़ा है और केवल हरियाली ही इस संकट का समाधान कर सकती है।
नयी दिल्ली, 23 जुलाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन का दुनिया पर असर पड़ा है और केवल हरियाली ही इस संकट का समाधान कर सकती है।
कोयला मंत्रालय के वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में इस बात पर जोर दिया गया है कि किसी को भी प्रकृति का दोहन नहीं करना चाहिए बल्कि इसके साथ सहयोग करना चाहिए।
यह भी पढ़े | आजमगढ़ में मासूम बच्चीयों का रेप कर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाला शख्स गिरफ्तार.
गृह मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, शाह ने छह ईको-पार्क और पर्यटन स्थलों की आधारशिला रखी।
पौधारोपण कार्यक्रम भारत भर के दस कोयला और लिग्नाइट समृद्ध राज्यों के 38 जिलों में 130 से अधिक स्थानों पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से चलाया गया।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का दुनिया पर असर पड़ा है और केवल हरियाली ही इस संकट का समाधान है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय विरासत का मुख्य मंत्र है कि हमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करना चाहिए न कि उनका दोहन करना चाहिए। हमने इस सिद्धांत की उपेक्षा की जिससे ओजोन के परत में क्षति हुई और ओजोन छिद्र बने जिसके कारण वैश्विक तापमान बढ़ा और जलवायु परिवर्तन हो रहा है।’’
गृह मंत्री ने कहा कि इस समस्या का केवल एक समाधान है और उनमें से एक का वर्णन ‘पुराणों’ में मिलता है कि वृक्ष मानवता के हितैषी हैं और केवल हरियाली ही लोगों को इस संकट से उबार सकती है।
शाह ने कहा कि वृक्षों की कई प्रजातियां 100 से 150 वर्षों तक मानवता की सेवा करती हैं और ‘पीपल’ उन वृक्षों में शामिल है जो सौ फीसदी ऑक्सीजन देता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार विभिन्न कोयला क्षेत्रों में वनरोपण को बढ़ावा दे रही है।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खनन वाले इलाकों में विकास के लिए 39 हजार करोड़ रुपये की लागत से जिला खनिज कोष बनाया है और 35 हजार छोटी परियोजनाओं को पूरा किया गया है।
उन्होंने कहा कि कोयला सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है और आने वाले समय में यह अपनी महत्ता बरकरार रखेगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)