ताजा खबरें | स्वास्थ्य संबंधी अनेक योजनाओं से नागरिकों को हजारों करोड़ रुपये की बचत हुई : राष्ट्रपति मुर्मू

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना, जन औषधि केंद्र, मुफ्त डायलिसिस अभियान समेत अनेक योजनाओं के कारण देश के नागरिकों के हजारों करोड़ रुपये खर्च होने से बचे हैं और इनका देश के नागरिकों के पूरे जीवन-चक्र पर सकारात्मक असर पड़ रहा है।

नयी दिल्ली, 31 जनवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना, जन औषधि केंद्र, मुफ्त डायलिसिस अभियान समेत अनेक योजनाओं के कारण देश के नागरिकों के हजारों करोड़ रुपये खर्च होने से बचे हैं और इनका देश के नागरिकों के पूरे जीवन-चक्र पर सकारात्मक असर पड़ रहा है।

मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। नए संसद भवन में पहली बार बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ आयुष्मान योजना के अलावा भी केंद्र सरकार, विभिन्न अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा देती है। इससे देश के नागरिकों के साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं।’’

उन्होंने कहा कि जन-औषधि केंद्रों की वजह से मरीजों के करीब 28 हजार करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खातों के तहत लगभग 53 करोड़ लोगों की डिजिटल हेल्थ आईडी बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि कोरोनोरी स्टेंट, घुटनों के इंप्लांट तथा कैंसर की दवाओं की कीमत भी कम की गई है जिससे मरीज़ों को हर वर्ष लगभग 27 हजार करोड़ रुपए की बचत हो रही है।

मुर्मू ने कहा, ‘‘मेरी सरकार, किडनी के मरीजों के लिए मुफ्त डायलिसिस का अभियान भी चला रही है। इसका लाभ प्रतिवर्ष 21 लाख से ज्यादा मरीज उठा रहे हैं। इनके प्रतिवर्ष एक लाख रुपए खर्च होने से बचे हैं।’’

उन्होंने कहा कि जनकल्याण की ये जितनी भी योजनाएं हैं, ये सिर्फ सुविधाएं भर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इनका देश के नागरिकों के पूरे जीवन-चक्र पर सकारात्मक असर पड़ रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं ने सरकार की योजनाओं के प्रभावों का अध्ययन किया है और इनके परिणाम बहुत ही प्रभावकारी हैं तथा गरीबी से लड़ रहे दुनिया के हर देश को प्रेरित करने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में विभिन्न संस्थाओं के अध्ययन में सामने आया है कि 11 करोड़ शौचालयों के निर्माण और खुले में शौच बंद होने से, अनेक बीमारियों की रोकथाम हुई है, इससे शहरी क्षेत्र के हर गरीब परिवार को इलाज पर प्रति वर्ष 60 हजार रुपए तक की बचत हो रही है।

राष्ट्रपति ने कहा कि पाइप से शुद्ध पेयजल मिलने से भी प्रतिवर्ष लाखों बच्चों की जान बच रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की वजह से आज देश में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव हो रहे हैं और इस वजह से मातृ मृत्यु दर में भी भारी गिरावट आई है।

मुर्मू ने कहा कि एक और अध्ययन के अनुसार, उज्ज्वला योजना के लाभार्थी परिवारों में, गंभीर बीमारी की घटनाओं में कमी आई है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों की अनेक पीढ़ियां सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित रही हैं और पहली बार इसके लिए राष्ट्रीय मिशन शुरु किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 1 करोड़ 40 लाख लोगों की जांच इसके तहत की जा चुकी है।

मुर्मू ने कहा कि सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए भी सुगम्य भारत अभियान चलाया है। साथ ही, भारतीय सांकेतिक में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं।

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