जरुरी जानकारी | सिप्ला, डॉ रेड्डीज और मोंडलीज के कारखाने 'लाइटहाउस नेटवर्क' में हुए शामिल
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नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने मंगलवार को भारत की तीन कंपनियों समेत कुल 11 कारखानों और औद्योगिक ठिकानों को !ग्लोबल लाइटहाउस नेटवर्क’ में शामिल करने की घोषणा की।
भारत की तरफ से दवा कंपनियों सिप्ला के इंदौर संयंत्र और डॉ रेड्डीज लेबोरेट्रीज के हैदराबाद संयंत्र के साथ ही कन्फेक्शनरी निर्माता मोंडलीज इंडिया के श्री सिटी संयंत्र को डब्ल्यूईएफ की इस सूची में जगह दी गई है।
‘ग्लोबल लाइटहाउस नेटवर्क’ दुनियाभर के 100 से अधिक विनिर्माताओं का एक समूह है जो कृत्रिम मेधा, 3डी प्रिंटिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे चौथी औद्योगिक क्रांति वाले समाधानों को अपनाने में अग्रणी हैं।
इसके साथ ही डब्ल्यूईएफ ने कहा कि उत्सर्जन कम करने में उल्लेखनीय काम करने वाली चार लाइटहाउस कंपनियों को ‘संवहनीय लाइटहाउस’ का अतिरिक्त दर्जा भी दिया गया है। इनमें भारत में स्थित यूनिलीवर की दापदा इकाई भी शामिल है।
डब्ल्यूईएफ में उन्नत विनिर्माण एवं मूल्य शृंखला के प्रमुख फ्रांसिस्को बेती ने कहा, ‘‘विनिर्माण सामाजिक एवं आर्थिक विकास दोनों की रीढ़ है। सही कॉरपोरेट रणनीति एवं औद्योगिक नीतियों के साथ यह उच्च आय वाली नौकरियों और वाणिज्यिक नवाचार को बढ़ावा देता है और संकट के समय पर्यावरणीय स्थिरता को भी सुनिश्चित करता है।’’
विश्व आर्थिक मंच ने कहा कि वैश्विक मंदी की चेतावनी और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के बीच लाइटहाउस कारखाने यह दर्शाते हैं कि विनिर्माण क्षेत्र किस तरह प्रतिसपर्धी रहने के साथ रोजगार भी पैदा कर सकते हैं।
प्रेम
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