देश की खबरें | हरियाणा कांग्रेस का ‘चिंतन शिविर’, नेताओं ने सरकार बनाने का संकल्प लिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हरियाणा कांग्रेस का 'चिंतन शिविर' सोमवार को पंचकूला में हुआ, जिसमें वरिष्ठ नेताओं ने राज्य को ‘बचाने’ के लिए 2024 के विधानसभा चुनावों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में सरकार बनाने का संकल्प लिया।

चंडीगढ़, एक अगस्त हरियाणा कांग्रेस का 'चिंतन शिविर' सोमवार को पंचकूला में हुआ, जिसमें वरिष्ठ नेताओं ने राज्य को ‘बचाने’ के लिए 2024 के विधानसभा चुनावों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में सरकार बनाने का संकल्प लिया।

एक दिवसीय चिंतन शिविर में महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था सहित कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर लोगों तक पहुंच बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।

इसके अलावा किसानों, दलितों, पिछड़े वर्गों और राज्य की आर्थिक स्थिति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

पार्टी के नेताओं ने 2024 के विधानसभा चुनावों में राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी-जननायक जनता पार्टी (भाजपा-जजपा) सरकार को सत्ता से बाहर करने का आह्वान किया।

हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने कहा कि वह बदलाव लाने के संघर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और कांग्रेस द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।

हुड्डा ने 2024 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के सत्ता में आने की सूरत में कुछ वादे किए।

कांग्रेस की हरियाणा इकाई द्वारा जारी एक बयान में शिविर में आए सभी नेताओं ने ‘हरियाणा को बचाने के लिए हुड्डा के नेतृत्व में फिर से कांग्रेस सरकार बनाने का संकल्प लिया।’

हुड्डा ने कहा कि अगर कांग्रेस हरियाणा में सत्ता में आती है तो राज्य के सभी वरिष्ठ नागरिकों को 6,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी। उन्होंने एलान किया कि गरीब परिवारों को 300 यूनिट बिजली और 100 यार्ड के प्लॉट निशुल्क दिए जाएंगे।

हालांकि, चिंतन शिविर में राज्य के कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी से सवाल भी खड़े हुए और विरोधी दलों ने गुटबाजी को लेकर पार्टी पर निशाना साधा।

बैठक में कांग्रेस महासचिव एवं हरियाणा मामलों के प्रभारी विवेक बंसल मौजूद नहीं थे।

हरियाणा कांग्रेस के प्रमुख उदय भान ने हाल ही में उन खबरों को अधिक तवज्जो नहीं दी थी, जिसमें कहा गया था कि बंसल को न तो आमंत्रित किया गया है और न ही इस शिविर के बारे में सूचित किया गया है।

शाम को जब शिविर खत्म हुआ तो भान ने कुछ नेताओं की गैरमौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा कि वरिष्ठ नेता और विधायक किरण चौधरी तथा उनकी बेटी श्रुति चौधरी भिवानी में अपने निर्वाचन क्षेत्र में कुछ कार्यक्रमों के कारण इसमें शामिल नहीं हुए।

भान ने कहा कि रणदीप सिंह सुरजेवाला विदेश में हैं, जबकि कुमारी शैलजा किसी आवश्यक काम के कारण इसमें शामिल नहीं हो पाईं।

बहरहाल, विरोधी दलों ने कांग्रेस के ‘चिंतन शिविर’ पर निशाना साधा। हरियाणा के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कंवर पाल ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल को पहले अपना घर संभालना चाहिए।

पाल ने कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि कांग्रेस विभाजित है और उसकी प्रदेश इकाई में गुटबाजी है।’’

इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष नफे सिंह राठी ने कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि हरियाणा कांग्रेस छह से सात समूहों में विभाजित है, इसलिए ऐसे शिविरों से उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा।’’

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवीर सिंह कादियान ने शिविर में कृषि से संबंधित मुद्दों पर एक प्रस्ताव रखा और कहा कि सरकार को स्वामीनाथन आयोग के सुझाव के अनुसार सी2 फॉर्मूला (लागत पर 50 प्रतिशत लाभ) के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करना चाहिए।

पार्टी ने यह भी मांग की कि किसानों को एमएसपी पर कानूनी गारंटी दी जाए। मंथन सत्र के दौरान विधायक अमित सिहाग ने किसानों और श्रमिकों की दशा सुधारने के लिए सुझाव दिए।

एक अन्य विधायक राव दान सिंह ने आर्थिक मामलों पर प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज बढ़ रहा है, जबकि निवेश और नौकरियां कम हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा पर तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है और बेरोजगारी दर 30 प्रतिशत को पार कर गई है।

एक अन्य वरिष्ठ नेता एवं विधायक गीता भुक्कल ने दलित और पिछड़े वर्गों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर एक प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा नीत सरकार में इन वर्गों की 'अनदेखी' की जा रही है।

भुक्कल ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू की गई कई कल्याणकारी योजनाओं को या तो वर्तमान सरकार ने रोक दिया है या अप्रभावी बना दिया है।

विधायक जगबीर मलिक ने राज्य में कथित रूप से बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि विधायकों को भी धमकियां मिल रही हैं और कोई भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।

मलिक ने कहा, ‘‘एक विधायक और उनके परिवार को धमकियों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद विधायक को इस्तीफा देने के बारे में सोचने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘न विधायक और न ही जनता सुरक्षित है। डीएसपी रैंक के एक अधिकारी की हाल ही में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। ऐसा लगता है कि लोगों की सुरक्षा इस सरकार के एजेंडे में नहीं है।’’

एक अन्य विधायक शमशेर गोगी ने सवाल किया कि सरकार अवैध खनन मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच से क्यों भाग रही है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

West Indies Women vs Australia Women, 3rd T20I Match Live Score Update: किंग्सटाउन में वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला के बीच खेला जा रहा हैं तीसरा टी20 मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

West Indies Women vs Australia Women, 3rd T20I Match Live Streaming In India: वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला के बीच आज खेला जाएगा तीसरा टी20, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे उठाएं लाइव मैच का लुफ्त

West Indies Women vs Australia Women T20I Stats: टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक-दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा है वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला का प्रदर्शन, यहां देखें दोनों टीमों के आंकड़े

West Indies Women vs Australia Women, 3rd T20I Match Pitch Report And Weather Update: किंग्सटाउन में वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला मुकाबले में मौसम बनेगा अहम फैक्टर या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें मौसम का हाल

\