विदेश की खबरें | ‘बेल्ट एंड रोड’ परियोजनाओं पर आगे बढ़ना चाहता है चीन : प्रधानमंत्री ली कियांग
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

काठमांडू/बीजिंग, 18 जुलाई चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने ‘चीन-नेपाल बेल्ट एंड रोड कोआपरेशन’ के तहत सहयोग करने के लिए पूर्व में शीर्ष नेताओं तथा दोनों देशों के बीच बनी सहमति को लागू करने तथा द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ावा देने की अपनी इच्छा जतायी।

नेपाल के नव नियुक्त प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को दिए संदेश में ली ने उन्हें चीन सरकार तथा उनकी ओर से हार्दिक बधाई दी।

उन्होंने चीन-नेपाल बेल्ट एंड रोड कोआपरेशन के तहत सहयोग करने के लिए पूर्व में शीर्ष नेताओं तथा दोनों देशों के बीच बनी सहमति को लागू करने तथा द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ावा देने की अपनी इच्छा जतायी।

नेपाल और चीन ने ‘बेल्ट एंड रोड पहल’ (बीआरआई) पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की महत्वाकांक्षी पहल है।

इसके तहत, दोनों देशों द्वारा अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, प्रौद्योगिकी और संस्कृति सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग के लिए कनेक्टिविटी, व्यापार, विकास रणनीतियों और नीति संवाद पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है।

ली ने कहा कि वह विकास व समृद्धि हासिल करने के लिए हमेशा नेपाल-चीन के अनुकूल रणनीतिक साझेदारी में नयी प्रगति देखना चाहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, समानता और सभी के हितों पर आधारित है।

स्थानीय मीडिया में आयी खबरों के अनुसार, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की 2019 में नेपाल यात्रा के दौरान नेपाल और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंध रणनीतिक स्तर तक बढ़े थे। दोनों देशों ने नेपाल-चीन संबंधों को ‘‘स्थायी मित्रता की विशेषता वाली व्यापक सहयोग साझेदारी’’ से ‘‘विकास व समृद्धि के लिए रणनीतिक साझेदारी’’ में बदलने पर सहमति व्यक्त की थी।

काठमांडू में प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव, अमेरिकी राजदूत डी आर. थॉम्पसन और चीनी राजूदत चेन सोंग ने प्रधानमंत्री ओली से सिंहदरबार में उनके कार्यालय में अलग-अलग मुलाकात की थी और उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनीफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष और चीन समर्थक नेता माने जाने वाले ओली को 14 जुलाई को नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। वह अब नयी गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं जिसके सामने इस हिमालयी देश में राजनीतिक स्थिरता प्रदान करने की चुनौती है।

उन्होंने पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ की जगह ली है जो पिछले सप्ताह प्रतिनिधि सभा में विश्वास मत हासिल नहीं कर पाये थे जिसके बाद नयी सरकार का गठन हुआ।

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