विदेश की खबरें | चीन-अमेरिका को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए : शी ने शिखर वार्ता में बाइडन से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने अमेरिकी समकक्ष जो बाइडन से मंगलवार को ऑनलाइन बैठक में कहा कि चीन और अमेरिका को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, शांति के साथ सह-अस्तित्व कायम करना चाहिए और दोनों पक्षों के फायदे के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

बीजिंग, 16 नवंबर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने अमेरिकी समकक्ष जो बाइडन से मंगलवार को ऑनलाइन बैठक में कहा कि चीन और अमेरिका को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, शांति के साथ सह-अस्तित्व कायम करना चाहिए और दोनों पक्षों के फायदे के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

शी ने शिखर वार्ता में एक मजबूत एवं स्थिर चीन-अमेरिका संबंध विकसित करने का आह्वान किया और द्विपक्षीय संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए आम सहमति कायम करने और सक्रिय कदम उठाने के लिए बाइडन के साथ काम करने की इच्छा भी व्यक्त की।

यह बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता मंगलवार सुबह शुरू हुई। फरवरी के बाद से शी और बाइडन के बीच यह तीसरी वार्ता है। इससे पहले, दोनों नेताओं ने सितंबर में फोन पर लंबी बातचीत की थी।

अमेरिका और चीन के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में दोनों नेताओं ने यह बैठक की। बाइडन उत्तर पश्चिमी चीन में उइगर समुदाय के लोगों के मानवाधिकारों के हनन, हांगकांग में लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को कुचलने, स्व-शासित ताइवान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता सहित कई मुद्दों पर बीजिंग की आलोचना करते रहे हैं। वहीं, शी के अधिकारियों ने बाइडन प्रशासन पर निशाना साधते हुए, उस पर चीन के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के आरोप लगाए हैं।

आधिकारिक मीडिया की खबर के अनुसार, शी ने कहा कि दोनों देश कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और दोनों को संवाद एवं सहयोग बढ़ाना चाहिए।

शी ने कहा कि चीन और अमेरिका को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, शांति के साथ सह-अस्तित्व कायम करना चाहिए और दोनों पक्षों के फायदे के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही, उन्होंने सर्वसम्मति बनाने के लिए बाइडन के साथ काम करने और चीन-अमेरिका संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय कदम उठाने की इच्छा व्यक्त की।

वहीं, संवाद समिति ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) की खबर के अनुसार, बाइडन ने बैठक की शुरुआत में कहा, ‘‘ चीन और अमेरिका के नेता होने के नाते यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हमारे देशों के बीच जो प्रतिस्पर्धा है वह टकराव में न बदले....इसकी बजाय यह सरल एवं सीधी प्रतिस्पर्धा रहे।’’

अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के एक त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन ‘ऑकस’ के अलावा ताइवान, हांगकांग, शिनजियांग और तिब्बत से लेकर क्वाड गठबंधन (जिसमें अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं) सहित कई मुद्दों पर वार्ता में चर्चा होने की उम्मीद है।

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