मुंबई, 26 अगस्त महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि देश को सोचने की जरूरत है कि क्या पुरानी कर व्यवस्था, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से बेहतर थी। उन्होंने सत्ता के ‘केंद्रीकरण’ पर भी चिंता जताई।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा आहूत विपक्षी दल के शासन वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों की डिजिटल बैठक में ठाकरे ने कहा कि देश के संघीय ढांचे की रक्षा की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्यों की केंद्र से जीएसटी में हिस्सेदारी की उम्मीद बढ़ती जा रही है। मैं तेजी से जारी किए जाने (राज्यों की हिस्सेदारी) के लिए पत्र लिखता रहा हूं। लेकिन अप्रैल से हमें हिस्सेदारी नहीं मिली है। अगर हमें जवाब मिलता है तो हमें धन नहीं मिलेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें देखने की जरूरत है कि क्या पुरानी कर व्यवस्था अच्छी थी या कोई बीच का रास्ता है।’’
पिछले वर्ष भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने वाले ठाकरे ने कहा, ‘‘अगर हम विपक्ष में हैं तो ऐसा नहीं है कि हम दूसरे राजनीतिक दलों की भलाई नहीं चाहते हैं। हम भी लोगों के प्रतिनिधि हैं। हमारे भी अधिकार हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘(पूर्व प्रधानमंत्री) राजीव गांधी ने पंचायती राज वयवस्था लागू की ताकि सत्ता का विकेंद्रीकरण हो सके। अब सभी शक्तियां एक हाथ में केंद्रित हैं।’’
ठाकरे ने कहा कि संविधान के मुताबिक देश के संघीय ढांचे को बचाए जाने की जरूरत है।
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