रायपुर, पांच जुलाई छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के 10 जिलों में 16 परिवहन जांच चौकी फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है, जो पिछले तीन साल से बंद हैं। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी ।
देश भर में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद जुलाई 2017 में राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने प्रदेश को 'अवरोधक मुक्त प्रदेश' बनाने का दावा करते हुए इन चौकियों को बंद कर दिया था।
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राज्य के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया, ‘'प्रदेश परिवहन विभाग ने शनिवार को सभी 16 जांच चौकियों को फिर से शुरू किये जाने का आदेश जारी किया है। ये चौकियां 10 जिलों के सीमावर्ती इलाकों में स्थित हैं ।'
उन्होंने बताया, 'परिवहन विभाग की उड़नदस्ता टीमें भी काम करना शुरू करेंगी । जांच चौकियों पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति के संबंध में अलग से एक आदेश जारी किया जायेगा ।’’
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भाजपा सरकार ने इन चौकियों को बंद करते हुए कहा था कि इन चौकियों से प्रदेश को सलाना 100 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन ईंधन की बचत तथा बिना किसी अवरोध के वाहनों के आवागमन के लिये इन्हें बंद किया जा रहा है, इससे पर्यावरण में भी मदद मिलेगी ।
भाजपा ने इस निर्णय के लिये राज्य की भूपेश बघेल सरकार की कड़ी आलोचना की है । पार्टी राज्य में अब विपक्ष में है ।
विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने बताया, ‘‘परिवहन अवरोधक प्रणाली को रमन सिंह सरकार ने समाप्त कर दिया था, अनियमितताओं की शिकायत समेत इसके कई कारण थे । इन चौकियों को दोबारा शुरू करने का मतलब भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना होगा।'
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