जरुरी जानकारी | परिधान निर्यात को आरओएससीटीएल योजना में बदलाव से मिलेगी मददः एईपीसी

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नयी दिल्ली, 16 सितंबर परिधान निर्यात संवर्द्धन परिषद (एईपीसी) ने कहा है कि निर्यात प्रोत्साहन योजना में किए गए बदलावों से परिधान उद्योग को कार्यशील पूंजी की अपनी जरूरतें पूरी करने और निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी।

एईपीसी के चेयरमैन नरेन गोयनका ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि निर्यात प्रोत्साहन के लिए शुरू की गई ‘राज्य एवं केंद्रीय शुल्क और करों में छूट' (आरओएससीटीएल) योजना में किए गए बदलावों से कपड़ा उद्योग को काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

गोयनका ने कहा, ‘‘इस योजना में किए गए बदलावों से परिधान क्षेत्र को जरूरी राहत मिलेगी और आरओएससीटीएल राशि का अधिकतम रिफंड या वापसी सुनिश्चित होने से निर्यातकों को अपनी कार्यशील पूंजी संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही यह परिधान क्षेत्र को अधिक तेज रफ्तार से बढ़ने में भी प्रोत्साहन देगा।’’

आरओएससीटीएल योजना के तहत तैयार उत्पादों एवं कपड़ों के निर्यात पर लगने वाले सभी अंतर्निहित राज्य एवं केंद्रीय शुल्क एवं करों को निर्यातकों को लौटा दिया जाता है। सरकार ने हाल ही में इसमें कुछ बदलाव कर इसे निर्यातकों के अधिक अनुकूल बनाने की कोशिश की है।

एईपीसी के मुताबिक, इस योजना के तहत निर्यातकों द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकारों को चुकाए गए करों एवं शुल्कों को लौटा दिया जाता है लेकिन इसमें दी जाने वाली छूट निर्यातकों को नकदी में नहीं लौटाई जाती थी। उन्हें हस्तांतरणीय शुल्क जमा रसीदों के रूप में यह छूट दी जाती थी।

निर्यातक इन रसीदों का इस्तेमाल या तो अपने आयात पर बुनियादी सीमा-शुल्क चुकाने में कर सकते हैं या वे इन रसीदों की बिक्री दूसरे आयातक को कर सकते हैं। इस योजना के तहत परिधान पर छूट की अधिकतम दर 6.05 प्रतिशत है।

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