देश की खबरें | सीएफएसबी ने एनएससीएन-के (निक्की-सुमी) पर संघर्षविराम उल्लंघन का आरोप लगाया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. संघर्षविराम पर्यवेक्षी बोर्ड (सीएफएसबी) के अध्यक्ष अमरजीत सिंह बेदी ने निक्की-सुमी गुट के एनएससीएन-के पर संघर्षविराम नियमों का उल्लंघन करते हुए दो नगा युवकों का अपहरण करने का आरोप लगाया है।
दीमापुर (नगालैंड), 15 अक्टूबर संघर्षविराम पर्यवेक्षी बोर्ड (सीएफएसबी) के अध्यक्ष अमरजीत सिंह बेदी ने निक्की-सुमी गुट के एनएससीएन-के पर संघर्षविराम नियमों का उल्लंघन करते हुए दो नगा युवकों का अपहरण करने का आरोप लगाया है।
बीते 10 अक्टूबर को अवैध कर की मांग को लेकर दीमापुर से दो युवकों का अपहरण कर लिया गया था।
बेदी ने सोमवार को एनएससीएन-के (निक्की-सुमी), दीमापुर स्थित नागरिक संस्थाओं और युवा संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ चुमूकेदिमा में पुलिस परिसर में अलग-अलग बैठक की थी।
सीएफएसबी अध्यक्ष ने नगा भूमिगत समूह के नेताओं के साथ बैठक के बाद कहा कि एनएससीएन-के के निक्की सुमी गुट को संघर्षविराम के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है।
उन्होंने कहा कि समूह इस बात के लिए लिखित में सहमत था कि वह सभी नियमों का पालन करेगा।
बेदी ने कहा कि उन्होंने एनएससीएन-के निक्की सुमी समूह से कहा है कि वे अपहरण में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास करें तथा उन्हें पुलिस के हवाले कर दें, ताकि कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बेदी ने कहा कि केंद्र और एनएससीएन-के (निक्की सुमी) ने 2021 में संघर्षविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और उसके बाद पिछले महीने इसे एक साल की अवधि के लिए बढ़ा दिया गया था।
उन्होंने कहा कि शांति, आपसी समझ और पक्षों के बीच विश्वास लाने के उद्देश्य से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं ताकि नगा राजनीतिक मुद्दे का शांतिपूर्ण माहौल में समाधान हो सके।
बेदी ने कहा कि सीएफएसबी के अध्यक्ष के रूप में उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि केंद्र के साथ संघर्षविराम समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले नगा राजनीतिक समूहों द्वारा निर्धारित संघर्षविराम नियमों का पालन किया जाए।
उन्होंने कहा कि अगर कोई समूह इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उन्हें गैर कानूनी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
केंद्र ने पांच समूहों के साथ संघर्षविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, एनएससीएन-के के निक्की-सुमी गुट ने नगा राजनीतिक मुद्दे को सुलझाने के लिए बातचीत शुरू नहीं की है।
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