देश की खबरें | केंद्र ने राज्यों से अधिक आईएएस, आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के वास्ते मुक्त करने का आग्रह किया
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नयी दिल्ली, 28 सितंबर केंद्र ने बुधवार को राज्यों से कहा कि वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए अधिक आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस अधिकारियों को मुक्त करने के अलावा अक्षम और भ्रष्ट कर्मचारियों को बाहर करने में उनका सहयोग करें।
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के प्रधान सचिवों के वार्षिक सम्मेलन के दौरान यह अनुरोध किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन यहां कर्मियों, सामान्य प्रशासन और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित कार्यों पर विचार-विमर्श करने के लिए किया गया था।
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एक अखिल भारतीय सेवा अधिकारी राज्य और केंद्र दोनों के भीतर सरकार की एक महत्वपूर्ण संपर्क कड़ी है।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं के कैडर प्रबंधन के लिए पहले से ही एक ढांचा है और इसका अक्षरश: पालन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक विशेष पहलू केंद्र में अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों की तैनाती है।
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार उन्होंने राज्य सरकारों से आईएएस और अन्य अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में मदद करने को कहा।
तीन अखिल भारतीय सेवाएं हैं - भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस)। इन अधिकारियों को एक कैडर आवंटित किया जाता है, जो या तो एक राज्य या राज्यों का समूह, या राज्य और केंद्र शासित प्रदेश होता है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की कमी का सामना कर रही है और पहले से ही राज्यों से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए अधिकारियों की मांग कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस कमी से निपटने के लिए, केंद्र ने पिछले साल दिसंबर में सेवा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया था, जो आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर निर्णय लेने का अधिकार देता है।
केन्द्रीय मंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘केंद्रीय प्रतिनियुक्ति हमारे देश में संघीय ढांचे का हिस्सा है’’ और उन्होंने राज्य सरकारों से इसमें सहयोग करने का आग्रह किया।
बयान के अनुसार मंत्री ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को सूचित करते हुए राज्य सरकारों से उनके पास लंबित ऐसी सभी समीक्षाओं को जल्द से जल्द पूरा करने में सहयोग का अनुरोध किया। समीक्षा सरकार को सेवा से भ्रष्ट और अक्षम लोक सेवकों को सेवानिवृत्त करने की अनुमति देती है।
मंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी भारतीय प्रशासन की रीढ़ हैं और यह महत्वपूर्ण है कि राज्य और संघ नीतियों और कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अपने प्रयासों को एकजुट करें।
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