देश की खबरें | केंद्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर महाराष्ट्र के आदेश उसके दिशानिर्देश के अनुकूल नहीं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप पर चिंताओं के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के पृथक-वास पर संशोधित दिशानिर्देश के बाद केंद्र ने बुधवार को राज्य सरकार से कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी के मुताबिक अपने आदेश जारी करे।

नयी दिल्ली, एक दिसंबर कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप पर चिंताओं के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के पृथक-वास पर संशोधित दिशानिर्देश के बाद केंद्र ने बुधवार को राज्य सरकार से कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी के मुताबिक अपने आदेश जारी करे।

महाराष्ट्र के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से मंगलवार रात जारी दिशानिर्देशों के तहत राज्य सरकार ने ‘खतरे’ वाले देशों से आने वाले यात्रियों के लिए सात दिनों तक संस्थागत पृथक-वास आवश्यक बनाया है।

इस तरह के यात्रियों को पहुंचने के दूसरे, चौथे और सातवें दिन पीसीआर जांच भी करानी होगी। अगर वे कोविड-19 से संक्रमित पाए जाते हैं तो यात्री को अस्पताल भेज दिया जाएगा। अगर यात्री नेगेटिव पाया जाता है फिर भी उसे सात दिनों तक गृह पृथक-वास में रहना होगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक पत्र में कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी आदेश केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा विदेशी यात्रियों के लिए जारी कोविड-19 एसओपी और दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं है।

उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रदीप कुमार व्यास को लिखे पत्र में कहा, ‘‘इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार आदेश पारित करें ताकि सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में दिशानिर्देशों को समान रूप से लागू किया जा सके।’’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 28 नवंबर को जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार खतरे वाले देशों से गुजरने या आने वाले यात्रियों को पहुंचने के बाद पीसीआर जांच करानी होगी और हवाई अड्डे पर परिणाम के लिए इंतजार करना होगा और उसके बाद ही वह हवाई अड्डे से बाहर जा सकेंगे या दूसरे विमान से यात्रा कर सकेंगे।

केंद्र सरकार ने ‘खतरे’ वाले देशों की सूची जारी की है।

‘खतरे’ वाले देशों की सूची में यूरोपीय संघ के देश, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिंबाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजराइल हैं।

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