देश की खबरें | दिव्यांगता प्रमाणपत्र को चुनौती देने वाली डॉक्टर की याचिका पर केन्द्र, एनएमसी से जवाब तलब

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र को चुनौती देने वाली एक डॉक्टर की अर्जी पर केन्द्र और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग से बृहस्पतिवार को जवाब तलब किया।

नयी दिल्ली, 15 सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र को चुनौती देने वाली एक डॉक्टर की अर्जी पर केन्द्र और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग से बृहस्पतिवार को जवाब तलब किया।

अर्जी में डॉक्टर ने दावा किया है कि लेडी हार्डिंग द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र में मेडिकल कॉलेज यह स्पष्ट करने में असफल रहा है कि वह मेडिकल शिक्षा में स्नात्कोत्तर की पढ़ाई करने के योग्य हैं या नहीं।

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने दिव्यांग डॉक्टर की अर्जी पर सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परिषद (एनएमसी), मेडिकल काउंसलिंग समिति, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और डॉक्टरों के एसोसिएशन से जवाब मांगा है।

अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 19 सितंबर तय की है।

एनएमसी की ओर से अदालत में अधिवक्ता टी. सिंहदेव उपस्थित हुए।

बैंचमार्क दिव्यांगता का दावा करने वाले डॉक्टर ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज द्वारा उन्हें एक सितंबर को जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र को चुनौती दी है और कहा है कि प्रमाणपत्र यह स्पष्ट करने में असफल रहा है कि याचिकाकर्ता मेडिकल शिक्षा जारी रखने के पात्र है या नहीं।

याचिका दायर करने वाले दिव्यांग डॉक्टर की ओर से अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल अदालत में पेश हुए। उन्होंने कहा कि प्रमाणपत्र के अनुसार याचिकाकर्ता मेडिकल शिक्षा जारी रखने के ‘‘पात्र’’ और ‘अपात्र’ दोनों हैं, जो कि विरोधाभासी है और इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए।

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