देश की खबरें | केन्द्रीय सूचना आयोग ने सेना से कहा: ऑनलाइन आरटीआई आवेदनों की हस्ताक्षरित प्रतियों की मांग नहीं कर सकते
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नयी दिल्ली, 12 जुलाई केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने सेना से कहा कि ऑनलाइन आरटीआई आवेदन की हस्ताक्षरित प्रति की मांग करना इस तरह के किसी तंत्र के पूरे उद्देश्य को विफल करता है और सेना को इस तरह के चलन से बचना चाहिए।
सूचना आयुक्त दिव्य प्रकाश सिन्हा ने कहा कि संवेदनशील जानकारी की मांग के मामले में नागरिकता का प्रमाण मांगना न्यायसंगत है लेकिन आवेदन की हस्ताक्षरित प्रति मांगना उचित नहीं लगता क्योंकि ऑनलाइन पोर्टल हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य नहीं करता है।
सिन्हा ओडिशा के एक आरटीआई आवेदक की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत सभी रक्षा प्रतिष्ठानों में नियमों के कार्यान्वयन के बारे में सेना से जानकारी मांगी थी।
सीआईसी ने उल्लेख किया कि सेना ने आवेदक को कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई।
आवेदक ने आयोग से शिकायत की कि सेना के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से पहले उनसे ऑनलाइन आरटीआई आवेदन की एक हस्ताक्षरित प्रति और पहचान प्रमाण पत्र की मांग की है।
सिन्हा ने कहा कि ऑनलाइन आरटीआई आवेदन की हस्ताक्षरित प्रति मांगना उचित नहीं लगता क्योंकि ऑनलाइन पोर्टल हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य नहीं करता है।
सिन्हा ने सीपीआईओ को भविष्य में ऑनलाइन आरटीआई आवेदनों के मामले में सावधानी बरतने का निर्देश दिया।
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