देश की खबरें | केंद्र सरकार 14 फरवरी को प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बैठक करेगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र 14 फरवरी को चंडीगढ़ में पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों के साथ उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए बैठक करेगा। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
चंडीगढ़, 18 जनवरी केंद्र 14 फरवरी को चंडीगढ़ में पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों के साथ उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए बैठक करेगा। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले संयुक्त सचिव प्रिय रंजन के नेतृत्व में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात की और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
केंद्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने डल्लेवाल से चिकित्सा सहायता लेने का भी आग्रह किया, जिनका आमरण अनशन शनिवार को 54वें दिन में प्रवेश कर गया।
खनौरी में धरना स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में रंजन ने कहा कि डल्लेवाल की बिगड़ती सेहत को ध्यान में रखते हुए केंद्र की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा गया था। रंजन ने कहा, ‘‘हमने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और (प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के) प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।’’ उन्होंने कहा कि बैठक 14 फरवरी को चंडीगढ़ में होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उनसे (डल्लेवाल से) आग्रह करते हैं कि वे अपना अनशन तोड़ दें, चिकित्सा सहायता लें ताकि वे बैठक में भाग ले सकें।’’ पिछले साल 8, 12, 15 और 18 फरवरी को केंद्रीय मंत्रियों और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच चार दौर की बैठकें हुई थीं, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही थी।
इससे पूर्व दिन में पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी और शंभू सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार से एक प्रस्ताव मिला है जिस पर वे चर्चा करेंगे।
इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम), एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के बीच शनिवार को एक और बैठक हुई। यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी बैठक थी। यह बैठक फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों के लिए एकजुट लड़ाई पर निर्णय के लिए थी। साथ ही इन मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के विषय पर भी थी। शनिवार की बैठक के बाद, तीनों किसान संगठनों ने कहा कि उनके बीच एकजुटता के प्रयास जारी हैं।
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