देश की खबरें | केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रगति की समीक्षा की

नयी दिल्ली, 23 मार्च प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन (एनएचएम) की प्रगति की समीक्षा की गई जिसमें मातृत्‍व मृत्‍यु दर, शिशु मृत्‍यु दर, 5 वर्ष से कम आयु के बच्‍चों की मृत्‍यु दर और कुल प्रजनन दर में कमी का विषय शामिल है ।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में टीबी, मलेरिया, काला-जार, डेंगू, कुष्‍ठ रोग और विषाणुजनित हैपेटाइटिस के उन्‍मूलन से संबंधित कार्यक्रमों की प्रगति की भी जानकारी दी गई।

सरकारी बयान में कहा गया है कि राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के लक्ष्यों में मातृत्‍व मृत्‍यु दर में कमी करते हुए इसे 1/1000 जीवित जन्‍मदर तक लाना, शिशु मृत्‍यु दर में कमी करते हुए इसे 25/1000 जीवित जन्‍मदर तक लाना तथा कुल प्रजनन दर को कम करते हुए 2.1 स्‍तर तक लाना शामिल है ।

इसके तहत कुष्‍ठ रोग के प्रसार में कमी करते हुए इसे 1/10000 व्‍यक्ति से कम करना और सभी जिलों में शून्‍य स्‍तर पर लाने का भी लक्ष्य है ।

मंत्रिमंडल को इस बात की जानकारी दी गई कि एनएचएम ने 2019-20 में नए प्रयासों की संभावनाओं पर जोर दिया है ।

इसके तहत बच्‍चों में दमे से होने वाली मौतों की संख्‍या में कमी लाने की दिशा में सामाजिक जागरूकता एवं कार्रवाई संबंधी कार्यक्रम (एसएएएनएस) प्रयास को शुरू किया गया।

इसके साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया है कि सुरक्षित मातृत्‍व आश्‍वासन (सुमन) पहल को गर्भवती महिलाओं के लिए शुरू किया गया ताकि उन्‍हें सम्‍माजनक और गुणवत्‍तापूर्ण नि:शुल्‍क स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं प्रदान की जाएं और इसमें किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरती जाए। इस योजना में मातृत्‍व और नवजात शिशु संबंधी वर्तमान योजनाओं को शामिल किया गया है।

मिडवाइफरी सेवाएं पहल के तहत प्रसव कराने के लिए बेहतर प्रशिक्षित नर्सों को तैयार करने पर भी जोर दिया गया है ।

इसके तहत शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से एबी-एचडब्‍ल्‍यूसी कार्यक्रम के तहत स्‍कूली स्‍वास्‍थ्‍य एवं स्‍वास्‍थ्‍य एंबेसडर पहल शुरू की गई है ताकि स्‍कूली बच्‍चों में सक्रिय जीवन-शैली को प्रोत्‍साहित करते हुए उन्‍हें बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य के लिए प्रेरित किया जा सके।

राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के तहत स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय की क्रियान्‍वयन रणनीति का उद्देश्‍य सभी राज्‍यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को वित्‍तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान करना है, ताकि वे जिला स्‍तर पर खासतौर से गरीबों एवं अन्‍य वर्गों को आसान पहुंच वाली, वहनीय, जवाबदेह और प्रभावी स्‍वास्‍थ्‍य सेवा उपलब्‍ध करा सकें।

दीपक

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