नयी दिल्ली, 26 सितंबर अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड के कुछ हिस्सों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफस्पा) की अवधि मंगलवार को आगामी एक अक्टूबर से अगले छह महीने तक के लिए बढ़ा दी गई।
अफस्पा अशांत क्षेत्रों में तैनात सशस्त्र बलों के कर्मियों को "कानून व्यवस्था को बनाए रखने" के लिए आवश्यक समझे जाने पर तलाशी लेने, गिरफ्तार करने और गोली चलाने की व्यापक शक्तियां प्रदान करता है।
अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड के कुछ जिलों और थाना क्षेत्रों में अफस्पा कई वर्षों से लागू है एवं समय-समय पर इसकी अवधि बढ़ाई जाती है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि केंद्र सरकार ने सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (1958 का 28) की धारा-3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 24 मार्च, 2023 को जारी एक अधिसूचना के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों तथा असम राज्य की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के नामसाई जिले के नामसाई, महादेवपुर और चौखम पुलिस थाना क्षेत्रों को 'अशांत क्षेत्र' के रूप में घोषित किया था।
मंत्रालय के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति की फिर से समीक्षा की गई है।
उसने कहा, "इसलिए अब अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों तथा असम की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के नामसाई जिले के नामसाई, महादेवपुर और चौखम पुलिस थाना क्षेत्रों को सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 की एक अक्टूबर 2023 से अगले छह महीने के लिए, या आदेश जब तक वापस नहीं लिया जाता, तब तक 'अशांत क्षेत्र' घोषित किया जाता है।"
एक अलग अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने 24 मार्च 2023 को एक अधिसूचना के माध्यम से नगालैंड के आठ जिलों और पांच अन्य जिलों के 21 थाना क्षेत्रों को एक अप्रैल 2023 से छह महीने की अवधि के लिए "अशांत क्षेत्र" घोषित किया था।
मंत्रालय के अनुसार, नगालैंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति की फिर से समीक्षा की गई।
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