देश की खबरें | केंद्र के फैसले ने जम्मू कश्मीर को दिए गए वचन को तोड़ा : नेशनल कॉन्फ्रेंस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नेशनल कॉन्फ्रेंस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने शनिवार को कहा कि पिछले साल पांच अगस्त को केंद्र के फैसले ने संघवाद की भावना का अनादर किया और जम्मू कश्मीर के लोगों को दिए गए वचन को तोड़ा गया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

श्रीनगर, 29 अगस्त नेशनल कॉन्फ्रेंस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने शनिवार को कहा कि पिछले साल पांच अगस्त को केंद्र के फैसले ने संघवाद की भावना का अनादर किया और जम्मू कश्मीर के लोगों को दिए गए वचन को तोड़ा गया।

पिछले साल अगस्त में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के केंद्र के फैसले के बाद पार्टी की निर्णय लेने वाली शीर्ष इकाई की पहली बैठक हुई ।

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नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में पार्टी के मुख्यालय नवा-ए-सुबह में पीएसी की बैठक हुई ।

पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला तथा महासचिव अली मोहम्मद सागर, मोहम्मद अकबर लोन और हसनैन मसूदी समेत अन्य वरिष्ठ नेता बैठक में मौजूद थे। पीएसी में शामिल जम्मू क्षेत्र के नेता वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल हुए ।

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बैठक के बाद पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘पीएसी सदस्यों ने पिछले साल पांच अगस्त को लिए गए फैसले पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि इसने संघवाद की भावना का अनादर किया और भारत द्वारा जम्मू कश्मीर के लोगों को दिए गए वचन को भी तोड़ा गया ।’’

बयान में कहा गया कि केंद्र सरकार के इन फैसलों पर जम्मू कश्मीर के शांतिप्रिय लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना जवाब दिया।

बयान में कहा गया, ‘‘जम्मू कश्मीर का छीना गया दर्जा फिर से बहाल करने के संबंध में पीएसी के सदस्य सभी राजनीतिक दलों और नागरिक संस्था को एक मंच पर साथ लाने में पार्टी अध्यक्ष के प्रयासों के लिए उनके साथ खड़े हैं। ’’

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि पीएसी की बैठक में केंद्र के ‘एकतरफा, अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक’ कदमों और जम्मू कश्मीर में उसके असर पर विचार-विमर्श किया गया।

बयान में कहा गया कि इस अवसर पर पीएसी के सदस्यों ने पार्टी अध्यक्ष को कश्मीर, जम्मू और लद्दाख के सभी धड़ों के बीच गुपकार घोषणा को स्वीकार्यता दिलाने के लिए अधिकृत किया।

पिछले साल अगस्त में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र के फैसले के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस की राजनीतिक मामलों की समिति की यह पहली बैठक हुई ।

गुपकार घोषणापत्र एक प्रस्ताव है, जिसे नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष के गुपकार रोड स्थित आवास पर चार अगस्त 2019 को सर्वदलीय बैठक के बाद जारी किया गया था

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