देश की खबरें | केंद्र को मंडी से बाहर एमएसपी पर फसल की खरीद के लिये अध्यादेश लाना चाहिए : हुड्डा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार को कहा कि मंडी के बाहर किसानों की फसल ‘‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’’ (एमएसपी) या इससे अधिक कीमत पर खरीदे जाने का प्रावधान करने के लिये केंद्र सरकार को एक अध्यादेश लाना चाहिए।
चंडीगढ़, 11 अगस्त हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार को कहा कि मंडी के बाहर किसानों की फसल ‘‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’’ (एमएसपी) या इससे अधिक कीमत पर खरीदे जाने का प्रावधान करने के लिये केंद्र सरकार को एक अध्यादेश लाना चाहिए।
साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति (व्यापारी या बिचौलिया) एमएसपी से कम दर पर फसल खरीदता है, तो इसे दंडनीय बनाया जाना चाहिए।
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हुड्डा ने केंद्र द्वारा हाल ही में लाये गये कृषि क्षेत्र से संबंधित तीन अध्यादेशों का कुछ किसानों द्वारा विरोध किये जाने के बारे में पूछे जाने पर यह कहा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘केंद्र ने कृषि से संबद्ध तीन अध्यादेश लाये हैं, जिसे भाजपा किसानों के हित में बता रही है। लेकिन अब नये प्रावधानों के तहत, यह किसानों का शोषण हो सकता है क्योंकि अब बाजार के पास कहीं अधिक ताकत होगी जो अपने फायदे के लिये चीजों को नियंत्रित करेगी। ’’
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उन्होंने कहा कि कुछ छोटी-मोटी बातों को छोड़ कर तीनों अध्यादेशों पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते कि केंद्र किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिये चौथा अध्यादेश लाये।
हुड्डा ने कहा कि नये प्रावधानों के तहत मंडी के बाहर भी अपनी फसल बेचने पर किसानों पर कोई रोक नहीं है, जो हरियाणा एवं पंजाब में बखूबी स्थापित है। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र को यह प्रावधान करना चाहिए कि यदि कोई फसल खरीदेगा तो उसे ऐसा ‘व्यापक लागत’ (सी2) फार्मूले का उपयोग करते हुए करना होगा, जो एम एस स्वामीनाथन आयोग ने दिया था। ’’
उल्लेखनीय है कि सरकार के आश्वासन से सहमत नहीं होते हुए पंजाब और हरियाणा के कुछ किसानों ने यह आशंका जताई है कि इन तीन अध्यादेशों से अनाज खरीद के लिये एमएसपी प्रणाली नष्ट हो जाएगी।
इस बीच, हुड्डा ने कथित घोटालों सहित कई मुद्दों को लेकर हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार पर भी प्रहार किया।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता हुड्डा ने दावा किया कि कांग्रेस जब सत्ता में थी, तब हरियाणा हर क्षेत्र में आगे था। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन आज कुशासन, भ्रष्टाचार, घोटाले हैं, राज्य सभी क्षेत्र में पिछड़ रहा है, बेरोजगारी बढ़ रही है और कर्ज का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। ’’
कथित घोटालों पर उन्होंने कहा, ‘‘शराब घोटाला हुआ है,भूमि पंजीकरण, खनन, धान घोटाला हुआ, पेपर लीक कांड हुआ...लेकिन हर बार सरकार ने इन्हें ढंकने की कोशिश की। ’’
जब्त शराब गोदाम से कथित तौर पर चोरी हो जाने की रिपोर्ट राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम द्वारा हाल ही में सौंपे जाने पर टिप्पणी करते हुए हुड्डा ने कहा कि उनकी पार्टी (कांग्रेस) ने इस विषय की उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश से या सीबीआई जांच की मांग की थी। लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।
उन्होंने कहा, ‘‘अब हम इसकी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की तरह सदन(राज्य विधानसभा) की एक कमेटी, से जांच कराने की मांग करते हैं। इसका गठन किया जाना चाहिए जो इस पूरे घोटाले की तह तक जाए। ’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कथित घोटालों के खिलाफ और अन्य मुद्दों को लेकर बृहस्पतिवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन करेगी।
पिछले महीने हरियाणा सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय पहलवान बबीता फोगाट और कबड्डी खिलाड़ी कविता देवी को अपने खेल एवं युवा मामले विभाग में उप निदेशक के तौर पर नियुक्त किये जाने के विषय पर कांग्रेस नेता ने कहा कि वह खिलाड़ियों के योगदान की सराहना करते हैं लेकिन सरकार को भेदभाव नहीं करना चाहिए।
उन्होंने दावा किया, ‘‘यदि किसी को पद दिया जाता है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह सरकार (पहलवान) बजरंग पुनिया, (जेवलिन थ्रोवर) नीरज चोपड़ा और (पहलवान) साक्षी मलिक जैसे खिलाड़ियों की अनदेखी क्यों कर रही है। इन खिलाड़ियों को अपना वाजिब हक नहीं मिला है। ’’
उन्होंने एक विशेष विधान बना कर 1983 बर्खास्त फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर को बहाल करने की भी मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। राज्य में रोजाना बलात्कार की चार घटनाएं हो रही हैं।
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