प्रवासी मजदूरों और छात्रों को वापस लाने के लिए केन्द्र की मदद चाहिए-मुख्यमंत्री
उन्होंने यह अवश्य कहा कि सभी फंसे लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए एक कार्ययोजना बनाने के लिये आज ही उन्होंने अधिकारियों की एक टीम का गठन कर दिया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज यहां मीडिया से बातचीत करते हुए प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों एवं छात्रों के एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा दी गयी छूट का स्वागत किया और इसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया लेकिन कहा कि इस बड़े काम के लिए राज्य को केन्द्र सरकार के मदद की आवश्यकता होगी।
उन्होंने यह अवश्य कहा कि सभी फंसे लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए एक कार्ययोजना बनाने के लिये आज ही उन्होंने अधिकारियों की एक टीम का गठन कर दिया है।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस संबन्ध में केन्द्रीय गृह मंत्रालय के दिशा निर्देश आज शाम को ही आये हैं और अब राज्य सरकार दूसरे राज्यों में यहां के फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक तैयारी प्रारंभ कर दी है।
उन्होंने कहा कि आज ही उनकी केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी बातचीत हुई है। उन्हें हमने बताया है कि राज्य सरकार यहां के लाखों लोगों को स्वयं वापस लाने में सक्षम नहीं है।
सोरेन ने कहा, ‘‘यदि राज्य सरकार अपने संसाधनों से इन फंसे हुए लाखों लोगों को राज्य में वापस लाने का प्रयास करेगी तो इस काम में उसे छह महीने लग जायेंगे क्योंकि राज्य के पास अपना परिवहन निगम तक नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि अभी सोमवार को ही उन्होंने प्रधानमंत्री से प्रवासी लोगों को राज्य में वापस लाने के लिए छूट देने का आग्रह किया था और दो दिनों में इस बारे में फैसला लिया गया जिसका वह स्वागत करते हैं।
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