जरुरी जानकारी | केंद्र ने जीएसटी राजस्व क्षतिपूर्ति के लिए राज्यों को अब तक 42,000 करोड़ रुपये जारी किए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व में आई कमी की भरपाई के लिए अक्टूबर से अब तक कुल मिलाकर 42,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर राज्यों को उपलब्ध कराया है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 14 दिसंबर केंद्र ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व में आई कमी की भरपाई के लिए अक्टूबर से अब तक कुल मिलाकर 42,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर राज्यों को उपलब्ध कराया है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि राज्यों को 6,000 करोड़ रुपये की ताजा किस्त सोमवार को जारी की गई। इनमें से 5,516.60 करोड़ रुपये 23 राज्यों और 483.40 करोड़ रुपये तीन संघ शासित प्रदेशों... दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी को जारी किए गए।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शेष पांच राज्यों... अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम में जीएसटी क्रियान्वयन की वजह से राजस्व में कोई कमी नहीं आई है।
कोरोना वायरस महामारी के कारण अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ा है। इसके कारण लगाये गये लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां प्राभावित हुई जिससे केन्द्र और राज्यों के राजस्व संग्रह में काफी कमी आई है।
यह भी पढ़े | गाड़ी वालों सावधान! नए साल से पहले नहीं किया ये काम तो हाईवे पर सफर हो सकता है मुश्किल.
केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू होने की वजह से अक्टूबर, 2020 में राज्यों के राजस्व में चालू वित्त वर्ष के दौरान 1.10 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित कमी की भरपाई के लिए एक विशेष ऋण सुविधा शुरू की थी। केंद्र सरकार द्वारा इस सुविधा के तहत राज्यों और संघ शासित प्रदेशों की ओर से कर्ज लेकर उन्हें उपलब्ध करा रही है।
केंद्र इस सुविधा के तहत अब तक सात किस्त में कर्ज ले चुका है। कर्ज वाली राशि को राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को 23 अक्टूबर, दो नवंबर, नौ नवंबर, 23 नवंबर, एक दिसंबर, सात दिसंबर और 14 दिसंबर, 2020 को जारी किया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि इस सप्ताह जारी राशि ऐसे कोष की सातवीं किस्त है। इस सप्ताह लिया गया कर्ज 5.1348 प्रतिशत की ब्याज दर पर है। अब तक सरकार इस विशेष सुविधा के जरिये औसतन 4.7712 प्रतिशत की ब्याज दर पर 42,000 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है।
इस सुविधा के अलावा सरकार ने राज्यों को उनके सकल राज्य घरेलू उतपाद (जीएसडीपी) का 0.50 प्रतिशत तक अतिरिक्त उधार लेने की भी अनुमति दी है। यह अनुमति उन राज्यों को मिली है जिन्होंने जीएसटी क्षतिपूर्ति को पूरा करने के लिये केन्द्र द्वारा पेश किये गये पहले विकल्प को चुना है।
अजय
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)