देश की खबरें | ‘जश्नजीवी भाजपाई’ को सुरक्षा मिलती है, लेकिन पर्यटकों को क्यों नहीं : अखिलेश यादव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मंगलवार को सवाल किया कि ‘जश्नजीवी भाजपाई’ को सुरक्षा मिलती है लेकिन पर्यटकों को सुरक्षा क्यों नहीं मिली। उन्होंने सरकार पर सार्वजनिक सुरक्षा से ज्यादा वीआईपी सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
लखनऊ, 29 अप्रैल समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मंगलवार को सवाल किया कि ‘जश्नजीवी भाजपाई’ को सुरक्षा मिलती है लेकिन पर्यटकों को सुरक्षा क्यों नहीं मिली। उन्होंने सरकार पर सार्वजनिक सुरक्षा से ज्यादा वीआईपी सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।
सपा प्रमुख यादव ने मंगलवार को “एक्स” एक लंबे पोस्ट में कहा “पूछता है पहलगाम का पर्यटक.... ख़तरों के बीच मेरी रक्षा करनेवाला कोई वहाँ क्यों नहीं था?”
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कथित तौर पर गुजरात के ठग किरण पटेल का नाम लिए बिना सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठाए। पटेल ने खुद को कथित तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का अधिकारी बताकर सुरक्षा कवर के तहत कश्मीर का दौरा किया था।
सपा प्रमुख ने सवाल किया, "कुछ ऐसे व्यक्ति, जो बाद में धोखेबाज निकलते हैं, उन्हें सरकार द्वारा इतनी कड़ी और व्यापक सुरक्षा क्यों दी जाती है? कुछ ऐसे लोगों को सरकार की ओर से चाक-चौबंद सुरक्षा घेरा क्यों दिया जाता है जो बाद में ठग साबित होते हैं? "
पटेल को पिछले साल मार्च में घाटी की अपनी तीसरी यात्रा पर श्रीनगर के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था।
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने संवेदनशील क्षेत्रों में व्यक्तियों की पृष्ठभूमि की जांच पर भी संदेह जताया और कहा कि कोई भी व्यक्ति उचित जांच के बिना उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में प्रवेश कैसे कर सकता है।
उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जब ’जश्नजीवी भाजपाई’ यहाँ विवादित निजी कार्यक्रम आयोजित करते हैं तो लगभग 250 वीवीआईपी के लिए हज़ारों सुरक्षाकर्मियों के कई घेरे बना दिये जाते हैं, वह भी उनके निजी कार्यक्रम में, जिनका काम किसी और के शब्दों को स्वर देना है। जिनका स्वयं कोई अस्तित्व नहीं है, जो अदालत तक की अवमानना करते हैं, ऐसे लोगों को सुरक्षा किस आधार पर मिलती है और पर्यटकों को सुरक्षा क्यों नहीं मिली?”
यादव का संकेत 22 अप्रैल को हुए हमले से कुछ दिन पहले कश्मीर के गुलमर्ग में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के, कड़ी सुरक्षा में हुए कथित भव्य पारिवारिक कार्यक्रम की ओर था। झारखंड के गोड्डा से सांसद दुबे ने उच्चतम न्यायालय पर भी कथित टिप्पणी की थी जिससे विवाद उठ गया था।
सपा प्रमुख यादव ने कहा “यह अति गंभीर प्रश्न हैं। जिन्होंने अपनों को खोया है, उन पर दबाव डालकर उनके बयान भले ही बदलवा दिये जाएं, लेकिन भाजपाई याद रखें कि ‘बयान बदलवाने से सच नहीं बदल जाता है’।”
आनन्द
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