देश की खबरें | सीबीआई ने कथित अतिक्रमण के लिए जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सीबीआई ने रोशनी कानून के तहत अपने नाम पर वन की भूमि हासिल करने में कथित अनियमितता को लेकर जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री ताज मोहिउद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज किया । अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इस बारे में बताया ।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 26 नवंबर सीबीआई ने रोशनी कानून के तहत अपने नाम पर वन की भूमि हासिल करने में कथित अनियमितता को लेकर जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री ताज मोहिउद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज किया । अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इस बारे में बताया ।

पूर्ववर्ती राज्य में कांग्रेस के मंत्री रहे मोहिउद्दीन के साथ एजेंसी ने शोपियां के पूर्व उपायुक्त मोहम्मद रमजान ठाकुर, तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद यूसुफ जरगर, राजस्व विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त हफिजुल्ला और तत्कालीन तहसीलदार गुलाम हसन राठेर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है ।

यह भी पढ़े | Is it normal to bleed after sex? क्या सेक्स के बाद ब्लीडिंग सामान्य है? जानें इससे जुड़ी कुछ जरुरी बातें.

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई को जम्मू कश्मीर केंद्रशासित क्षेत्र के भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो से एक शिकायत मिली थी। यह शिकायत अब प्राथमिकी का हिस्सा है ।

शोपियां के तत्कालीन तहसीलदार ने 16 जून 2007 को ठाकुर की अध्यक्षता वाली कमेटी के सामने राज्य की जमीन के मालिकाना हक के संबंध में 190 मामले रखे थे । कमेटी ने उनमें से केवल 17 को मंजूरी दी । इसमें से 13 कनाल भूमि पर कथित तौर पर मोहिउद्दीन ने अतिक्रमण किया।

यह भी पढ़े | छत्तीसगढ़: सीएम भूपेश बघेल ने बीजेपी को एक अफवाह फैलाने वाली फैक्ट्री कहा: 26 नवंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

आरोप हैं कि मोहिउद्दीन द्वारा अतिक्रमण की गयी जमीन वन विभाग की थी । विभाग ने जम्मू कश्मीर राज्य भूमि (मालिकाना हक सौंपने) कानून या रोशनी कानून के तहत इसको नियमित किए जाने पर आपत्ति जतायी। कमेटी ने आपत्ति को नजरअंदाज किया और वन विभाग से कहा था कि मामले का निपटारा कर दिया गया है।

क्षेत्र के संभागीय वन अधिकारी ने रोशनी कानून के तहत भूमि के मालिकाना हक स्थानांतरण पर फिर से आपत्ति जतायी थी।

केंद्रशासित क्षेत्र के प्रशासन ने एक नवंबर को जम्मू कश्मीर राज्य भूमि (मालिकाना हक सौंपने के) कानून, 2001 के तहत भूमि के मालिकाना हक स्थानांतरण को रद्द कर दिया। इस कानून को रोशनी कानून भी कहा जाता है। इसके तहत 2.5 लाख एकड़ जमीन का मालिकाना हक सौंपा जाना था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now