जरुरी जानकारी | प्रॉपर्टी खरीद में नकद लेनदेन 75-80 फीसदी तक घटाः एनेरॉक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आवासीय ब्रोकरेज फर्म एनेरॉक ने बुधवार को कहा कि प्राथमिक आवासीय बाजार में नकद लेनदेन नोटबंदी होने के बाद से 75-80 फीसदी तक कम हो चुका है।

नयी दिल्ली, 17 नवंबर आवासीय ब्रोकरेज फर्म एनेरॉक ने बुधवार को कहा कि प्राथमिक आवासीय बाजार में नकद लेनदेन नोटबंदी होने के बाद से 75-80 फीसदी तक कम हो चुका है।

एनेरॉक ने एक बयान में कहा कि आवासीय बाजार में नकद लेनदेन नवंबर 2016 में नोटबंदी होने के बाद से करीब 75-80 फीसदी तक कम हो चुका है।

एनेरॉक ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह आंकड़ा देश के सात बड़े शहरों में सक्रिय डेवलपरों के साथ हुई चर्चा पर आधारित है। इसके अलावा बैंकों के ऋण वितरण आंकड़ों, प्रॉपर्टी के पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा और एनेरॉक के करीब 1,500 बिक्री एजेंटों से मिले फीडबैक का भी इस्तेमाल हुआ है।

एनेरॉक का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में होम लोन का औसत आकार बढ़ा है। आवासीय परिसंपत्तियों की खरीद में नकद लेनदेन घटने का यह आंकड़ा डेवलपरों की तरफ से की गई बिक्री पर आधारित है और इसमें पुनर्बिक्री वाली प्रॉपर्टी शामिल नहीं हैं।

एनेरॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि नकद लेनदेन घटने के बावजूद भारतीय आवासीय क्षेत्र में नकदी के पहलू को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका है। इसके बावजूद अब लोग काला धन खपाने के लिए नहीं बल्कि रहने के इरादे से घर खरीद रहे हैं।

हालांकि छोटे शहरों एवं कस्बों में अब भी काला धन का इस्तेमाल प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में हो रहा है। लेकिन उसकी मात्रा में कमी आई है।

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