गाजियाबाद (उप्र), पांच जुलाई कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को ‘‘गलत संदर्भ’’ में दिखाते हुए एक समाचार प्रसारित करने के मामले में टेलीविजन समाचार प्रस्तोता रोहित रंजन को उनके घर से गिरफ्तार करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस का एक दल मंगलवार सुबह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पहुंचा।
इस बीच, रंजन ने दावा कि उन्हें गिरफ्तार करने आई कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ की पुलिस ने पहले स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना देने के कानून का पालन नहीं किया।
एक निजी समाचार चैनल के प्रस्तोता रंजन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य की पुलिस को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘‘छत्तीसगढ़ पुलिस स्थानीय पुलिस को जानकारी दिए बिना मुझे गिरफ्तार करने के लिए मेरे घर के बाहर खड़ी है, क्या यह कानूनन सही है? ’’
राहुल गांधी के बयान को ‘‘गलत संदर्भ’’ में दिखाने के मामले में रंजन के खिलाफ रायपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई, लेकिन उसने कहा कि उसने रंजन को गिरफ्तारी वारंट दिखाया और उनसे जांच में सहयोग मांगा।
रायपुर पुलिस ने रंजन के ट्वीट के जवाब में कहा,‘‘ सूचित करने का कोई नियम नहीं है। इसके बावजूद, अब उन्हें सूचित कर दिया गया है। पुलिस दल ने आपको अदालत का गिरफ्तारी वारंट दिखाया है। आपको जांच में सहयोग करना चाहिए और अदालत में अपना बचाव करना चाहिए।’’
इससे पहले, रंजन ने अपने टीवी कार्यक्रम में गांधी के बयान को ‘‘गलत संदर्भ में’’ उदयपुर हत्याकांड से ‘‘गलती से’’ जोड़कर दिखाने के लिए दो जुलाई को माफी मांगी थी।
रंजन ने ट्वीट किया था, ‘‘हमारे शो डीएनए में राहुल गांधी का बयान उदयपुर की घटना से जोड़कर गलत संदर्भ में चल गया था। यह एक मानवीय भूल थी, जिसके लिए हमारी टीम क्षमाप्रार्थी है। हम इसके लिए खेद जताते हैं।’’
भाजपा नेताओं समेत कई लोगों ने गलत संदर्भ में दिखाए गए इस वीडियो के प्रसारित होने के बाद राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की नृशंस हत्या की घटना के मद्देनजर गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा था।
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