देश की खबरें | कैग रिपोर्ट में दिल्ली शराब नीति में गड़बड़ी का खुलासा, जांच के लिए पीएसी को संदर्भित की गयी

नयी दिल्ली, 27 फरवरी दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली शराब नीति पर कैग की रिपोर्ट को जांच के लिए लोक लेखा समिति (पीएसी) को भेज दिया गया है और समिति द्वारा तीन महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपे जाने की उम्मीद है।

दिल्ली में शराब के विनियमन और आपूर्ति पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा आबकारी नीति के कार्यान्वयन में गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया गया है।

विधानसभा में चर्चा के बाद रिपोर्ट को विस्तृत जांच के लिए पीएसी को भेज दिया गया है, जिसके तीन महीने के भीतर निष्कर्ष आने की उम्मीद है।

गुप्ता ने यह घोषणा करते हुए कहा कि सरकार को हुए वित्तीय घाटे के कारण इस मामले पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

वर्ष 2017 से 2021 के बीच की अवधि के लिए किए गए इस ऑडिट में लाइसेंसिंग प्रक्रिया, मूल्य निर्धारण तंत्र और नियामक निरीक्षण में महत्वपूर्ण खामियों की ओर इशारा किया गया है।

इसमें आरोप लगाया गया है कि इस नीति के कारण राजस्व में भारी नुकसान हुआ, जिससे सार्वजनिक धन की कीमत पर निजी कंपनियों को लाभ हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न अनियमितताओं के कारण 2,002 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान दर्ज किया गया, जिसमें सरेंडर किए गए लाइसेंसों को फिर से टेंडर करने में विफलता, अत्यधिक छूट और लाइसेंस शुल्क में छूट शामिल है।

विधानसभा सत्र के दौरान कई सदस्यों ने निष्कर्षों पर गंभीर चिंता व्यक्त की तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा की पीएसी रिपोर्ट की गहन समीक्षा करेगी और तीन महीने के भीतर अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करेगी।

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