देश की खबरें | कैबिनेट सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों में लोगों से मिलने की 'अनिच्छा' पर चिंता जताई
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नयी दिल्ली, 15 जुलाई कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन ने लोगों को मिलने का समय देने के प्रति केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों की "अनिच्छा" पर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह की बातचीत से जमीनी हकीकत की जानकारी मिल सकती है और सरकारी नीतियों या इरादों के बारे में गलतफहमियां दूर हो सकती हैं।
सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को लिखे पत्र में देश के शीर्ष नौकरशाह ने यह भी कहा कि ऐसी बैठकें कार्यालयों में होनी चाहिए, न कि क्लबों या होटलों में।
सोमनाथन ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उन्हें बताया है कि केंद्र सरकार के कई सचिवों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में अफसरों के अलावा अन्य लोगों को मिलने का समय देने के प्रति "अनिच्छा" है, जो मंत्रालयों के काम के सिलसिले में उनसे मिलना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का काम ऐसा है कि इससे कई लोगों और संगठनों को लाभ होता है या उनपर प्रभाव पड़ता है।
कैबिनेट सचिव ने कहा, “ आगंतुकों के साथ मुलाकात क्षेत्र की वास्तविक स्थिति की जानकारी दे सकती हैं, सरकार की नीतियों या इरादों के बारे में गलतफहमियों का पता लगाने या उन्हें स्पष्ट करने में मदद कर सकती हैं, नए विचारों तक पहुंच प्रदान कर सकती हैं और गलतियों को सुधारने का अवसर प्रदान कर सकती हैं। निस्संदेह, वरिष्ठ अधिकारियों के पास समय की कमी होती है, जिससे वे मिलने का समय देने में असमर्थ होते हैं।"
सोमनाथन ने सचिवों से यह भी अनुरोध किया कि वे मंत्रालय या विभाग के कार्य से संबंधित मामलों में मुलाकात के वास्ते गैर-सरकारी व्यक्तियों के लिए उपलब्ध रहें, बशर्ते समय की उपलब्धता और अन्य प्राथमिकताएं अनुमति दें।
उन्होंने कहा, "कृपया अपने मंत्रालय/विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी ऐसा ही करने का अनुरोध करें।"
शीर्ष नौकरशाह ने कहा कि किसी व्यक्ति को सिर्फ उसके पेशे या पृष्ठभूमि के आधार पर मिलने से मना नहीं किया जाना चाहिए - चाहे वह ठेकेदार हो, ट्रेड यूनियन या राजनीतिक पार्टी का सदस्य हो, किसी एनजीओ से जुड़ा हो, निजी कंपनी या चेंबर ऑफ कॉमर्स में काम करता हो, किसी जांच एजेंसी की जांच में हो, विभाग के साथ किसी अनुबंध को लेकर विवाद में हो, या फिर उसका मामला अदालत या मध्यस्थता हो।
उन्होंने कहा, “ ऐसी मुलाकतें आपके कार्यालय में होनी चाहिए, न कि सामाजिक स्थानों, क्लबों, होटलों आदि में। कुछ मामलों में, यदि आपको लगता है कि एहतियात के तौर पर यह आवश्यक है, तो आप किसी अन्य अधिकारी को उपस्थित रहने के लिए कह सकते हैं।”
पत्र में कहा गया है कि यह पत्र गैर-अधिकारियों के संबंध में है। विदेशी सरकारों या मिशनों के अधिकारियों के लिए, विदेश मंत्रालय के दिशानिर्देश लागू होंगे।
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