गुवाहाटी, 23 मार्च भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) संसद में पारित हो चुका है और इसे सही समय पर लागू किया जाएगा।
असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी करने के बाद नड्डा ने कहा कि यह असल में केन्द्र का कानून है। इसे राज्य में लागू ना करने देने के कांग्रेस के दावा की वजह ‘‘ या तो उनकी अज्ञानता है या वे लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
सीएए का हालांकि पार्टी के घोषणापत्र में कोई जिक्र नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं कांग्रेस क्या सोच रही है इसको लेकर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन उनका दृष्टिकोण न केवल समस्या उत्पन्न करने वाला है बल्कि राज्य के लिए खतरनाक भी है।’’
संशोधित नागरिकता कानून के तहत 31 दिसम्बर 2014 तक अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि असम की पहचान वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव, भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका और गोपीनाथ बोरदोलोई से जुड़ी हुई है और ‘‘ अब क्या हम इसे बदरुद्दीन अजमल के साथ जोड़ने की अनुमति दे सकते हैं?’’
अजमल एआईयूडीएफ के प्रमुख हैं, जिनकी पार्टी के साथ कांग्रेस ने राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा असम की ‘‘पहचान और संस्कृति’’ संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए ‘‘ सांस्कृतिक परिवर्तन की प्राकृतिक प्रक्रिया बरकरार रखी गई है।’’
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने घुसपैठ के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी अंतरराष्ट्रीय सीमा को मजबूत करने और वैज्ञानिक रूप से उसका प्रबंधन करने को प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, ‘‘ सीमा प्रबंधन एक सतत प्रक्रिया है और हम इसे बेहतर करना जारी रखेंगे।’’
असमिया लोगों की ई, सांस्कृतिक, सामाजिक पहचान और विरासत की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के असम समझौते के छठे खंड को लागू करने के सवाल पर नड्डा ने कहा, ‘‘ इस पर भी काम जारी है और हम इसको लेकर प्रतिबद्ध हैं।’’
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