जरुरी जानकारी | वर्ष 2030 तक दुनिया में तीसरे स्थान पर होगा देश का वाहन उद्योग: सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने सोमवार को कहा कि देश का वाहन उद्योग 2030 तक दुनिया में तीसरे स्थान पर होगा और यह उस दिशा में आगे बढ़ रहा है। वाहन और गाड़ियों के कलपुर्जों के लिये 25,938 करोड़ रुपये की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) जैसी विभिन्न योजनाएं इस क्षेत्र के विकास को गति दे रही हैं।

नयी दिल्ली, 28 अगस्त सरकार ने सोमवार को कहा कि देश का वाहन उद्योग 2030 तक दुनिया में तीसरे स्थान पर होगा और यह उस दिशा में आगे बढ़ रहा है। वाहन और गाड़ियों के कलपुर्जों के लिये 25,938 करोड़ रुपये की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) जैसी विभिन्न योजनाएं इस क्षेत्र के विकास को गति दे रही हैं।

भारी उद्योग मंत्रालय पीएलआई योजना के प्रदर्शन की समीक्षा के लिये मंगलवार को एक सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इसमें संबंधित पक्षों के साथ बैठक की अध्यक्षता भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय करेंगे।

सम्मेलन में इस योजना के माध्यम से उपलब्ध अवसरों को समझने पर विशेष रूप से गौर किया जाएगा।

बैठक में जिन संबंधित पक्षों के उपस्थित रहने की संभावना है उनमें पीएलआई के लिये आवेदन देने वाली वाहन कंपनियां, परीक्षण एजेंसियां ​​आदि शामिल हैं। ये सभी अपने अनुभव साझा करेंगे और चिंताओं तथा चुनौतियों का समाधान करेंगे।

आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘इन योजनाओं के व्यापक प्रभाव से वाहन उद्योग आगे बढ़ेगा और यह अनुमान है कि यह उद्योग 2030 तक दुनिया में तीसरे स्थान पर होगा...।’’

देश में वाहन उद्योग अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभों में से है। देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इस क्षेत्र का योगदान बढ़कर लगभग 7.1 प्रतिशत हो गया है, जो 1992-93 में 2.77 प्रतिशत था। यह क्षेत्र प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से 1.9 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है।

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