देश की खबरें | उत्तरकाशी में बस गहरी खाई में गिरी, 15 लोगों के मरने की आशंका

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड में श्रद्धालुओं को ले जा रही एक बस उत्तरकाशी जिले के डामटा में गहरी खाई में गिर गयी। इस हादसे में 15 लोगों के मरने की आशंका है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उत्तरकाशी(उत्तराखंड), पांच जून उत्तराखंड में श्रद्धालुओं को ले जा रही एक बस उत्तरकाशी जिले के डामटा में गहरी खाई में गिर गयी। इस हादसे में 15 लोगों के मरने की आशंका है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बस में 30 से ज्यादा यात्रियों को लेकर यमुनोत्री जा रही थी।

घटना की सूचना मिलते ही उत्तरकाशी के जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दुर्घटना स्थल के लिए रवाना हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे में 15 यात्रियों की मौत हो जाने की आशंका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना में लोगों की जान जाने पर दुख जताया।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक ट्वीट में मोदी ने कहा, ‘‘उत्तराखंड में हुआ बस हादसा अत्यंत पीड़ादायक है। इसमें जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मैं अपनी शोक-संवेदना व्यक्त करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन मौके पर हरसंभव सहायता में जुटा है।’’

पीएमओ ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से इस दुर्घटना के प्रत्येक मृतक के निकटस्थ परिजन को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जायेगी।’’

राष्ट्रपति कोविंद ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘उत्तराखंड में एक बस दुर्घटना में लोगों के निधन के दुखद समाचार से मैं व्यथित महसूस कर रहा हूं। मैं दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।’’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी को शीघ्रता से राहत एवं बचाव कार्य करने का निर्देश दिया।

धामी ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘संबंधित अधिकारियों को इस दुर्घटना के जांच के निर्देश दिए हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिजनों को यह कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें। साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर मैंने स्वयं स्थिति पर नजर बनाए रखी है। स्थानीय प्रशासन व एसडीआरएफ के दल बचाव कार्य में लगे हैं और एनडीआरएफ की टीम भी शीघ्र वहाँ पहुँच रही है।’’

यमुनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री को चार धाम के रूप में जाना जाता है।

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