नागपुर (महाराष्ट्र), दो जुलाई महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में बस हादसे में जान गंवाने वाले ज्यादातर लोगों के शव इतनी बुरी तरह जल गए हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल है और उनके परिजनों को शवों की डीएनए जांच कराने के बजाय उनका सामूहिक रूप से अंतिम संस्कार करने के लिए मनाने की कोशिश की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, डीएनए जांच लंबी प्रक्रिया होती है जिसमें मृतक की शिनाख्त करने के लिए कई दिन लग सकते हैं।
पुलिस ने पहले बताया था कि महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर एक बस के डिवाइडर से टकराकर पलट जाने के बाद उसमें आग लगने से 25 यात्रियों की झुलसकर मौत हो गई।
मृतकों में 11 पुरुष और 14 महिला यात्री शामिल हैं। इनमें से 10 लोग वर्धा, सात पुणे, चार नागपुर और दो-दो लोग यवतमाल और वाशिम से थे।
इस भीषण दुर्घटना में बस चालक और क्लीनर सहित आठ लोग बच गए थे।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, 25 मृतकों के परिवार के सदस्य बुलढाणा पहुंच गए हैं।
उसके अनुसार जिला प्रशासन मृतकों के परिजनों को डीएनए जांच कराने के बजाय शवों का सामूहिक रूप से अंतिम संस्कार करने के लिए राजी करने के वास्ते शनिवार शाम से उनसे बातचीत कर रहा है।
बुलढाणा के जिलाधिकारी एच पी तुम्मोड ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘मृतकों के परिवार के सदस्यों से बातचीत अंतिम चरण में है और इस मसले को जल्द ही हल कर लिया जाएगा।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY