विदेश की खबरें | रूस के आक्रमण के बाद यूक्रेन को पहली बार बड़े सैन्य उपकरण भेजने के लिए बुल्गारिया हुआ सहमत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. बुल्गारिया की संसद ने शुक्रवार को 52 के मुकाबले 148 मतों से सरकार के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से कीव को बड़े सैन्य उपकरण की पहली खेप भेजने का प्रस्ताव किया गया था।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

बुल्गारिया की संसद ने शुक्रवार को 52 के मुकाबले 148 मतों से सरकार के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से कीव को बड़े सैन्य उपकरण की पहली खेप भेजने का प्रस्ताव किया गया था।

संसद के निर्णय में कहा गया, ‘‘इन उपकरणों की बुल्गारिया को जरूरत नहीं है, और बगैर उकसावे के किये गए अनुचित रूसी आक्रमण के दौरान यह यू्क्रेन की स्वतंत्रता व क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उसकी लड़ाई में मजबूत सहयोग प्रदान कर सकता है।’’

सोवियत काल के बख्तरबंद वाहनों की 1980 के दशक में बुल्गारिया को आपूर्ति की गई थी। वारसा संधि में बुल्गारिया, सोवियत संघ का सहयोगी देश था।

बुल्गारिया 2004 में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल हुआ। बुल्गारिया के पास अब भी सोवियत काल के हथियार और उनके लिए गोलाबारूद बनाने वाली कई फैक्टरी है।

इस निर्णय की सोशलिस्ट पार्टी और रिवाइवल पार्टी के मास्को समर्थक राष्ट्रवादियों ने आलोचना की, जिन्होंने इसके खिलाफ मतदान किया।

नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर और सोशलिस्ट पार्टी से ताल्लुक रखने वाले क्रिस्टन विग्नेनिन ने शनिवार को कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि दोनों पक्षों के साथ विशेष संबंध रखने वाला देश होने के नाते हम सैन्य फैसलों से यूक्रेन की मदद कर सकते हैं और सैन्य उपकरण भेज सकते हैं।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\