जरुरी जानकारी | कोरोना से प्रभावित अर्थव्यवस्था को गति देने वाला होगा बजट: मुख्यमंत्री गहलोत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राजस्‍थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि राज्य का आगामी बजट विकास को गति देने वाला एक संतुलित बजट हो।

जयपुर, पांच फरवरी राजस्‍थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि राज्य का आगामी बजट विकास को गति देने वाला एक संतुलित बजट हो।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने राज्‍य की अर्थव्यवस्था व राजस्व पर बुरा असर डाला है। इससे तेजी से उबरने की इच्छाशक्ति के साथ हम सभी के सुझावों के आधार पर ऐसा समावेशी बजट लाने का प्रयास करेंगे, जिससे राज्य में उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहन मिले, रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी हो तथा समाज के हर वर्ग की उन्नति हो।

विधानसभा का बजट सत्र 10 फरवरी से शुरू हो रहा है।

गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से राज्य स्तरीय कर परामर्शदात्री समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राज्‍य के विभिन्न औद्योगिक व व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से राज्य बजट 2021-22 को लेकर सुझाव लिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से चली लंबी जंग के सभी राज्यों की राजस्व आय प्रभावित हुई है। राजस्थान भी इसके विपरीत असर से जूझ रहा है। साथ ही केन्द्र से जीएसटी में राज्य को पूरा हिस्सा भी नहीं मिल रहा है। हाल ही में केन्द्र सरकार ने बजट में पेट्रोल एवं डीजल पर उपकर लगाया है और मूल उत्‍पाद शुल्‍क को लगातार कम किया जा रहा है, लेकिन विशेष उत्‍पाद शुल्‍क और अतिरिक्‍त उत्‍पाद शुल्‍क बढ़ाया जा रहा है। इसके कारण ‘डिविजिएबल पूल’ के रूप में राज्यों को मिलने वाला हिस्सा काफी घट गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि अधिकतर केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में भी राज्य का हिस्सा बढ़ाते हुए केन्द्र के अंश को कम किया गया है। इन सबका प्रतिकूल असर राज्यों के राजस्व पर हो रहा है। इन तमाम आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हमारी सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर 2 प्रतिशत वैट कम कर आमजन को महंगाई की मार से राहत दी है। इतना ही नहीं कोरोना काल के दौरान सर्वाधिक प्रभावित पर्यटन व होटल उद्योग तथा बस आपरेटर सहित अन्य वर्गां को राहत देने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

ऊर्जा मंत्री बी.डी. कल्ला ने कहा कि कोरोना की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राज्‍य के उद्यमियों ने उत्पादन बढ़ाने में पूरा सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों की बिजली से संबंधित समस्याओं का सकारात्मक रूप से समाधान करने का प्रयास कर रही है। हमारी सरकार आने के बाद रात्रिकालीन बिजली की दरों में एक रूपये प्रति यूनिट की कमी की गई है।

उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वन स्टाप शाप, नई औद्योगिक नीति, एमएसएमई एक्ट जैसे कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले किए हैं।

इस अवसर पर सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, पीएचडीसी चैम्बर आफ कामर्स, चैम्बर आफ कामर्स, फोर्टी सहित अनेक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\