ताजा खबरें | बजट कश्मीर चर्चा तीन रास

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने कहा कि इससे इस केंद्र शासित प्रदेश का सामाजिक और आर्थिक विकास होगा तथा पर्यटन और औद्योगिकरण को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इससे इस केंद्र शासित प्रदेश का सामाजिक और आर्थिक विकास होगा तथा पर्यटन और औद्योगिकरण को मजबूती मिलेगी।

रेड्डी ने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के बाद वहां व्यापक बदलाव हुए हैं और अब यह सफलता की नयी इबारत लिख रहा है।

उन्होंने कहा कि बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 604 करोड रुपये से अधिक का प्रावधान किया जाना सराहनीय कदम है लेकिन साथ ही सरकार को इसके लिए एक व्यापक रणनीति बनाकर काम करना होगा।

उन्होंने सदन को अवगत कराया कि आंध्र प्रदेश स्थित तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने जम्मू में 33.22 करोड़ रुपये की लागत से वेंकटेश्वर स्वामी का मंदिर बनाने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि इससे राज्य में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वी शिवदासन ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर से राज्य का दर्जा छीनकर बड़ा अपराध किया है।

उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर एकमात्र उदाहरण है जिसे राज्य से केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया नहीं तो देश में केंद्रशासित प्रदेशों को ही राज्य बनाए जाने की परंपरा रही है।

समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया और सरकार से पूछा कि पिछले सात सालों में उसने कितने कश्मीरी पंडितों को पुनर्वास किया है।

कश्मीरी पंडितों के दर्द पर बनी फिल्म कश्मीर फाइल्स का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास की व्यवस्था तो आपको करनी है।

कश्मीर में जल्द से जल्द चुनाव कराने की वकालत करते हुए यादव ने वहां विधानसभा बहाल करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में जो परिसीमन किया गया है, वह परिसीमन के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है और यह घाटी के लोगों के साथ ज्यादती है।

उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी चुनाव कराइए...विधानसभा का बहाल कीजिए...जनता की सरकार बनाइए वहां ताकि कश्मीर के बजट को संसद से पारित कराने की आवश्यकता ना हो।’’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इससे पहले जम्मू एवं कश्मीर के लिये वित्त वर्ष 2022-23 का 1.42 लाख करोड़ रूपये का बजट पेश किया था। साथ ही उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के लिये वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांग भी पेश कीं जो 18,860.32 करोड़ रूपये की हैं।

जारी ब्रजेन्द्र

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