ताजा खबरें | बजट बंगाल विरोधी व आम लोगों के खिलाफ, सिर्फ दो राज्यों को मिली तरजीह : तृणमूल
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस सदस्य समीरुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पिछले दिनों संसद में पेश केंद्रीय बजट जन-विरोधी और बंगाल-विरोधी है तथा यह सिर्फ दो राज्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ताकि सरकार सुरक्षित रहे।
नयी दिल्ली, 25 जुलाई राज्यसभा में बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस सदस्य समीरुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पिछले दिनों संसद में पेश केंद्रीय बजट जन-विरोधी और बंगाल-विरोधी है तथा यह सिर्फ दो राज्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ताकि सरकार सुरक्षित रहे।
इस्लाम ने उच्च सदन में आम बजट 2024-25 और जम्मू कश्मीर के बजट पर संयुक्त चर्चा में भाग लेते हुए यह टिप्प्णी की। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह केंद्रीय बजट नहीं बल्कि दो राज्यों बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगियों के लिए है ताकि सरकार बचायी जा सके।
तृणमूल सदस्य ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दावा कि उनके राज्य पश्चिम बंगाल की लगातार अनदेखी की जा रही है और राज्य के करोड़ों रुपये के बकाए का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के कल्याण पर ध्यान नहीं दे रही है जबकि कुल कार्यबल में एक बड़ा हिस्सा प्रवासी और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का है।
इस्लाम ने सरकार से अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए नयी योजना शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ‘‘जो हमारे साथ, हम उसके साथ’’ की बात करने वाले भाजपा के एक विधायक के बयान से पार्टी का पर्दाफाश हो गया है।
चर्चा में भाग लेते हुए अन्नाद्रमुक सदस्य सीवी षणमुगम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि बजट में तमिलनाडु के लिए कोई नयी योजना नहीं है और उसे पर्याप्त आवंटन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु एक विकसित राज्य है लेकिन उसे ‘जीएसटी’ व्यवस्था के कारण परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत की विभिन्न नदियों को जोड़ने की मांग करते हुए कहा कि इस संबंध में बजट में कोई चर्चा नहीं है।
कांग्रेस की रजनी पाटिल ने मराठी में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बजट में महाराष्ट्र का एक बार भी नाम नहीं लिया और उसके बाद राज्य का नाम बार-बार ले रहे हैं। उन्होंने भी आरोप लगाया कि इस बजट में दो राज्यों को विशेष तरजीह दी गयी है।
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