विदेश की खबरें | ब्रिटेन यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते में बदलाव के लिए कानून पारित करेगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ब्रिटेन ने कहा है कि कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौते को रद्द करने का उसका कदम ब्रेक्जिट के बाद व्यापार नियमों को लेकर जारी विवाद को खत्म करने में ईयू के साथ समझौता नहीं होने पर जरूरी है।
ब्रिटेन ने कहा है कि कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौते को रद्द करने का उसका कदम ब्रेक्जिट के बाद व्यापार नियमों को लेकर जारी विवाद को खत्म करने में ईयू के साथ समझौता नहीं होने पर जरूरी है।
ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रूस ने ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में सांसदों को संबोधित करते हुए कहा ‘‘यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के तहत है।’’ ट्रूस ने कहा कि आगामी हफ्तों में विधेयक को प्रकाशित किया जाएगा और इस दौरान ईयू के साथ बातचीत जारी रखने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी प्राथमिकता ईयू के साथ वार्ता से एक नतीजे पर पहुंचने का है।’’
ब्रिटेन का कहना है कि ब्रेक्जिट के बाद के व्यापार नियम उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं और उत्तरी आयरलैंड में भी इससे शांति को खतरा है। उत्तरी आयरलैंड की सीमा यूरोपीय संघ के एक सदस्य देश के साथ लगती है।
ब्रिटेन जब ईयू और इसकी सीमा रहित व्यापार क्षेत्र से बाहर हुआ हुआ तो एक समझौते पर सहमति बनी कि आयरलैंड की सीमा को सीमा शुल्क और अन्य जांच चौकियों से मुक्त रखा जाएगा क्योंकि यह शांति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण स्तंभ है जिससे उत्तरी आयरलैंड में दशकों से जारी हिंसा खत्म हुई।
इसके बजाय, यूरोपीय संघ के एकल बाजार की रक्षा के लिए कुछ सामानों, जैसे कि मांस और अंडे की खेप पर ब्रिटेन के बाकी हिस्सों से उत्तरी आयरलैंड में प्रवेश करने पर रोक है। उत्तरी आयरलैंड में इस समझौते का विरोध हो रहा है। विरोध करने वाले राजनीतिक दलों का कहना है कि इससे कारोबार पर बोझ बढ़ा है तथा उत्तरी आयरलैंड और ब्रिटेन के बाकी हिस्सों के बीच के बंधन को इसने तोड़ दिया है।
ब्रिटेन सरकार इस बात से सहमत है कि व्यापार नियम, जिसे उत्तरी आयरलैंड प्रोटोकॉल के रूप में जाना जाता है, एक शांति समझौते को अस्थिर कर रहे हैं।
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