देश की खबरें | उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों को बेहतर संचार सुविधाओं की जरूरत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इंटरनेट कनेक्टिविटी के अभाव में नेपाली मोबाइल टावरों से मिलने वाले संकेतों पर अधिक निर्भर रहने की मजबूरी का हवाला देते हुए पिथौरागढ़ जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास व्यास घाटी के ग्रामीणों ने बेहतर संचार सुविधाओं की मांग की है ।
पिथौरागढ़, 30 जून इंटरनेट कनेक्टिविटी के अभाव में नेपाली मोबाइल टावरों से मिलने वाले संकेतों पर अधिक निर्भर रहने की मजबूरी का हवाला देते हुए पिथौरागढ़ जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास व्यास घाटी के ग्रामीणों ने बेहतर संचार सुविधाओं की मांग की है ।
धारचूला के एक अधिकारी ने भी माना कि खराब कनेक्टिविटी घाटी के सीमावर्ती गांवों में भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न कर रही है।
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धारचूला के उपजिलाधिकारी एके शुक्ला ने कहा, "धारचूला सब डिवीजन के अधिकांश हिस्सों में उचित संचार सुविधा नहीं होने के कारण मनरेगा के कामों से संबंधित भुगतान लाभार्थियों को नहीं किये जा सकते और न ही क्षेत्र के स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं।"
उन्होंने कहा कि सब डिवीजन में संचार सुविधाओं की कमी के कारण कई सरकारी कार्य बाधित हैं और हमें नेपाल के साथ धारचूला सीमा पर संचार का एक मजबूत और भरोसेमंद नेटवर्क चाहिए।
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ग्रामीणों ने इस संबंध में पूर्व में भी कई बार प्रशासन के सामने अपनी यह समस्या रखी है और कई ज्ञापन सौंपे हैं। उन्होंने कहा कि धारचूला में केवल एक कम क्षमता का भारत संचार निगम का मोबाइल टॉवर है जो केवल शहर की आवश्यकताओं के लिए ही पर्याप्त है ।
खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी को यह कहकर सही ठहराया जाता रहा है कि ऐसा सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करों और अपराधियों को इंटरनेट की पहुंच से दूर रखने के लिए है लेकिन यहां रह रहे लोगों का मानना है कि उनके लिए क्षेत्र में नेपाली नेटवर्क पहले से ही व्यापक रूप से उपलब्ध है ।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी ने कहा, “इन तथ्यों के आलोक में स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए क्योंकि सीमावर्ती लोगों के लिए बेहतर संचार सुविधाओं की जरूरत है।”
धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने क्षेत्र में संचार सुविधाएं विकसित करने के लिए अपने विधायक कोष से धन देने की पेशकश की। उन्होंने कहा, “मैं भारत-नेपाल और भारत-चीन सीमा पर संचार के बुनियादी ढांचे को स्थापित करने के लिए धन देने को तैयार हूं ।”
व्यास घाटी के स्थानीय निवासियों के अनुसार, नेपाल की तीन कंपनियों के मोबाइल टॉवर भारत-नेपाल सीमा पर पंचेश्वर से कालापानी तक 186 किमी लंबे क्षेत्र में फैले हुए हैं और उनकी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए करीब 3000 भारतीय नागरिक नेपाली सिम कार्ड का उपयोग करते हैं ।
अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा ने बताया कि बीएसएनएल लोगों की संचार आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए क्षेत्र में एक सर्वेक्षण कर रहा है और जैसे ही सर्वेक्षण पूरा होगा, टावरों को स्थापित करने पर काम शुरू कर दिया जाएगा ।
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