देश की खबरें | सीमा पर इस साल के अंत तक बाड़ लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा : शाह

नयी दिल्ली, 17 जुलाई केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को जोर देकर कहा कि भारत की करीब 7,500 किलोमीटर सीमा पर इस साल के अंत तक बाड़ लगाने का काम पूरा कर उसे सील कर दिया जाएगा ताकि इन स्थानों से घुसपैठ और हथियारों व मादक पदार्थों की तस्करी नहीं हो सके।

उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने से पहले देश की कोई स्वतंत्र रक्षा नीति थी ही नहीं और जो नीति थी भी वह विदेश नीति से प्रभावित थी। मोदी सरकार आने के बाद देश की रक्षा नीति स्वतंत्र हुई।

शाह ने यह बात ‘‘रुस्तमजी स्मारक व्याख्यान’’को संबोधित करते हुए कही जिसका आयोजन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अपने पहले महानिदेशक केएफ रुस्तमजी की याद में करता है।

ब्रिटिश शासन के दौरान इम्पीरियल पुलिस के 1938 बैच के अधिकारी रुस्तमजी ने नौ साल तक बीएसएफ का नेतृत्व किया। वर्ष 2003 में उनका निधन हुआ था।

उन्होंने इस मौके पर सीमा की रक्षा में लगे बल के सेवारत और ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवानों के परिवारों को वीरता पदक भी प्रदान किए।

शाह ने कहा, ‘‘ मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि वर्ष 2022 से हमारी सीमा पर कोई स्थान बिना बाड़ नहीं होता।’’

उन्होंने कहा कि इस समय देश की सीमा का तीन प्रतिशत हिस्सा बिना सुरक्षा दीवार के है और यह आतंकवादियों की घुसपैठ और सीमा पर होने वाले अपराधों जैसे हथियारों, गोलाबारूद और मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने में ‘‘बड़ी खाई’’ है।

शाह ने कहा कि मोदी सरकार इस अंतर को प्रशासनिक बाधाएं सुलझाने और यहां तक पड़ोसी देशों से बातचीत कर पाट रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि सीमा सुरक्षा (सुनिश्चित) ही राष्ट्रीय सुरक्षा (सुनिश्चित करना) है।’’ शाह ने कहा कि सुरक्षा पर बाड़बंदी करने के लिए ‘नए मॉडल’ को विकसित किया जा रहा है ताकि उन्हें काटा या तोड़ा नहीं जा सके।

गृहमंत्री ने मोदी सरकार की रक्षा नीति के बारे में बात की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अकसर सोचता था कि क्या इस देश की सुरक्षा नीति है या नहीं? नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने तक हमारे पास कोई स्वतंत्र सुरक्षा नीति नहीं थी। वो हमेशा विदेश नीति से प्रभावित रहती थी या फिर विदेश नीति सुरक्षा नीति पर अतिव्यापी (ओवरलैप) होती थी।’’

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश को स्वतंत्र सुरक्षा नीति मिली। शाह ने कहा, ‘‘ हमारा विचार है कि सभी के साथ शांतिपूर्ण संबंध हों, लेकिन अगर कोई हमारी सीमाओं को छेड़ता है, अगर कोई हमारी संप्रभुता को चुनौती देता है, तो हमारी सुरक्षा नीति की प्राथमिकता है कि ऐसी कोशिशों को उसी की में जवाब दिया जाए।’’

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