देश की खबरें | बंबई उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म की झूठी शिकायत दर्ज कराने पर महिला पर लगाया 25,000 रुपए का जुर्माना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने एक महिला पर अपने पुरुष मित्र के खिलाफ दुष्कर्म की झूठी शिकायत दर्ज कराने पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए मामले का निपटारा कर दिया। महिला ने अदालत में याचिका दाखिल करके कहा था कि वह इस मामले को आगे नहीं ले जाना चाहती।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई,26 अगस्त बंबई उच्च न्यायालय ने एक महिला पर अपने पुरुष मित्र के खिलाफ दुष्कर्म की झूठी शिकायत दर्ज कराने पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए मामले का निपटारा कर दिया। महिला ने अदालत में याचिका दाखिल करके कहा था कि वह इस मामले को आगे नहीं ले जाना चाहती।

न्यायमूर्ति आर डी धानुका एवं न्यायमूर्ति वी जी बिष्ट की खंडपीठ ने मंगलवार को महिला को महाराष्ट्र पुलिस कल्याण कोष में चार सप्ताह के भीतर 25 हजार रुपए जमा कराने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़े | Former India Athlete Iqbal Singh Kills Mother and Wife in US: पूर्व भारतीय एथलीट इकबाल सिंह ने अमेरिका में की पत्नी और मां की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार.

पीठ ने कहा कि अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो पुरुष के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने का उसका आदेश वापस हो जाएगा।

महिला ने 16 मार्च को अपने पुरुष मित्र के खिलाफ पालघर जिले के नालासोपारा पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसने नशीला पदार्थ खिला कर उससे दुष्कर्म किया है।

यह भी पढ़े | नोएडा के सेक्टर 63 में खिलौना बनाने वाली एक फैक्ट्री में लगी आग: 26 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

इसके बाद पिछले माह शिकायतकर्ता ने मामले को खारिज करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया और कहा कि उसने परिवार के दबाव में आ कर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

महिला ने अपनी याचिका में कहा कि उसके पुरुष के साथ संबंध हैं लेकिन जब उसके परिवार को इसका पता चला तो उसने कहानी गढ़ दी कि पुरुष ने उससे दुष्कर्म किया है।

याचिका का विरोध करते हुए अतिरिक्त सरकारी वकील अरुणा कामत पाई ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस पर आरोपपत्र दाखिल करेगीं

उन्होंने कहा कि अगर अदालत प्राथमिकी रद्द करना चाहती है तो महिला पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए।

अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए कहा,‘‘हमारे विचार से याचिकाकर्ता का मामला सिर्फ इस पर स्वीकार नहीं किया जा सकता कि उसने परिवार के सदस्यों के दबाव में आ कर शिकायत दर्ज कराई थी।’’

अदालत ने कहा,‘‘ अब चूंकि याचिकाकर्ता शिकायत को आगे नहीं ले जाना चाहती है,तो हम प्राथमिकी को रद्द करते हैं लेकिन इस शर्त पर कि याचिकाकर्ता महाराष्ट्र पुलिस कल्याण कोष में चार सप्ताह के भीतर 25,000रुपए जमा कराए।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

PBKS vs MI, IPL 2026 58th Match Live Toss And Scorecard: हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के कप्तान जसप्रीत बुमराह ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite? धर्मशाला में पंजाब किंग्स बनाम मुंबई इंडियंस के बीच रोमांचक मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट

PBKS vs MI, IPL 2026 58th Match Toss Winner Prediction: हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में पंजाब किंग्स बनाम मुंबई इंडियंस के बीच कौन होगा टॉस का बॉस? मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती हैं बाजी

PBKS vs MI, IPL 2026 58th Match Stats And Preview: पंजाब किंग्स बनाम मुंबई इंडियंस मुकाबले के बीच आज होगा रोमांचक मुकाबला, आज के मैच में बन सकते हैं ये अनोखे रिकॉर्ड