देश की खबरें | पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई को भाजपा करेगी बीडीओ कार्यालयों का घेराव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए पंचायत चुनाव में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ 21 जुलाई को हर जिले में खंड विकास अधिकारी(बीडीओ) कार्यालयों का घेराव करेगी। राज्य में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने बुधवार को यह जानकारी दी।

कोलकाता, 19 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए पंचायत चुनाव में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ 21 जुलाई को हर जिले में खंड विकास अधिकारी(बीडीओ) कार्यालयों का घेराव करेगी। राज्य में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 21 जुलाई को हर साल शहीद दिवस रैली आयोजित करती है।

टीएमसी ने भाजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पलटवार करते हुए कहा कि वह 21 जुलाई के दिन जोकि राज्य में लोकतंत्र बहाली के लिए शहीदों के बलिदान का पर्याय है, परेशानी खड़ी करने की कोशिश कर रही है।

भाजपा के प्रस्तावित कार्यक्रम की घोषणा बुधवार को पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने की।

मजूमदार ने राज्य के सरकारी अधिकारियों के एक वर्ग पर 6,000 से अधिक मतदान केंद्रों पर गलत मतदान, मतदान पेटियों की लूट और मतदान केंद्रों पर अवरोध पैदा करने का आरोप लगाते हुए बताया कि भाजपा 21 जुलाई को शांतिपूर्ण ढंग से सभी बीडीओ कार्यालयों का घेराव करेगी।

मजूमदार के साथ-साथ सुवेंदु अधिकारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, राहुल सिन्हा, अग्निमित्रा पॉल, लॉकेट चटर्जी जैसे राज्य के अन्य नेताओं ने पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई कथित हेराफेरी के विरोध में शहर के मध्य में कॉलेज स्क्वायर से एस्प्लेनेड क्षेत्र तक एक रैली निकाली। रैली में 2000 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।

टीएमसी के राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने बताया कि भाजपा ने लगातार चुनावों में बंगाल के लोगों द्वारा खारिज किए जाने के बावजूद कोई सबक नहीं सीखा है।

उन्होंने बताया कि भाजपा 21 जुलाई को अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है, जो 30 वर्ष पूर्व 1993 में लोकतंत्र की बहाली के लिए शहीदों के सर्वोच्च बलिदान का पर्याय बन गया है।

दिलीप घोष ने बताया कि टीएमसी 21 जुलाई को शहीद दिवस मना रही है लेकिन वर्ष 1993 में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए पुलिस की गोलियों से शहीद हुए 13 कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भूल रही है।

उन्होंने कहा,''सत्ता में आने के बाद टीएमसी, अपनी जान गंवाने वाले लोगों के बलिदान को भूल गई है। वह अब लोकतंत्र के हत्यारों और मतदान के लुटेरों का पर्याय बन गई है। टीमसी को अब कोई हक नहीं है कि वह 21 जुलाई को शहीद दिवस के रूप में मनाए।''

विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि वह 25 जुलाई को 150 करोड़ रुपये के घोटाले को सार्वजनिक करेंगे जिसमें टीएमसी के शीर्ष नेता शामिल थे और एक कंपनी को करोड़ों रुपये का ठेका मिला था।

भाजपा के आरोपों पर टीएमसी के प्रवक्ता, सेन ने कहा,'' जनता ने फिर पंचायत चुनाव में भाजपा को खारिज कर दिया लेकिन उन्होंने कोई सबक नहीं सीखा। वह पंचायत पोल में आतंक की बात करते हैं जबकि इस दौरान हमारे दल के कई कार्यकर्ताओं पर भाजपा के गुंडों ने हमला किया।''

उन्होंने दावा किया, "भाजपा पूर्व निर्धारित वार्षिक कार्यक्रम के दिन अचानक घेराव के आयोजन से तमाशा कर रही है। उसका यह कार्यक्रम असफल होगा।''

अधिकारी के टीएमसी नेताओं के घोटाले को सामने लाने को लेकर सेन ने कहा,'' पोंजी स्कीम घोटालों और नारद स्टिंग ऑपरेशन में आरोपी होने के कारण अधिकारी सीबीआई से बचने के लिए भाजपा में शामिल हो गए थे। ''

उन्होंने कहा कि अधिकारी को सबसे पहले खुद के गिरेबां में झांकना चाहिए क्योंकि उनके खिलाफ कोंटाई नगर पालिका में भ्रष्टाचार व पूर्व मेदिनीपुर जिले में तिरपाल चोरी सहित अन्य मामले दर्ज हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\