देश की खबरें | कोविड-19 की पहली लहर से भाजपा सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा : अखिलेश

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लखनऊ, 21 अप्रैल समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य की भाजपा सरकार पर कोविड-19 की पहली लहर से कोई सबक नहीं लेने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा, ‘यही वजह है कि यह महामारी पहले से विकराल रूप में सामने खड़ी है।’

यादव ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘सच तो यह है कि भाजपा सरकार को सिर्फ चुनावों की चिंता रहती है, मानव जीवन बचाने की नहीं। पिछले साल संक्रमण और लॉकडाउन के बाद जो हालात बने थे उनसे भाजपा सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कोरोना अब पहले से कहीं विकराल रूप में है। रोजाना मौतें हो रही हैं। अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा है। गरीबों को मरने पर भी ठोकरें खानी पड़ रही है। गरीब लोग कालाबाजारी का शिकार हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में राज्य की भाजपा सरकार आपदा में अवसर तलाशने वाले जमाखोरों, लापरवाह अधिकारियों और लूट मार में लगे कुछ वर्गों के साथ नूराकुश्ती के दांव आजमा कर जनता को धोखा दे रही है।’’

अखिलेश ने कहा, ‘‘कोरोना महामारी ने एक ओर भारी तबाही मचा रखी है तो दूसरी तरफ बड़े महानगरों से श्रमिकों के पलायन की गम्भीर समस्या कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रही है। भाजपा सरकार ने ढोल पीटा था कि पिछले साल जो लोग भी राज्य में लौटे हैं उन सभी को रोजगार मिलेगा। करीब 1.5 करोड़ रोजगार उपलब्धता का दावा भी किया गया था लेकिन झूठ का पोल खुल गया है। भाजपा ने जनता को धोखा देकर महापाप किया है।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बड़े पैमाने पर मजदूरों का फिर से पलायन हो रहा है। दिल्ली का आनन्द विहार बस अड्डा, नोएडा तथा देश के अन्य राज्यों से लाखों कामगारों का आना जारी है। इनका काम छूटा। अब अपने गांव लौट जाने की बेचैनी है। ट्रेन से भी हजारों लोग आ रहे हैं। पिछले साल की तरह इस साल तो रास्ते में इनके खाने-पीने की व्यवस्था करने के लिए स्वयं सेवी संगठन भी सामने नहीं आए हैं। सरकार ने अपनी आंख पर पट्टी बांध रखी है।’’

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘प्रवासी श्रमिकों के प्रति भाजपा सरकार की नीति और नीयत दोनों में खोट के चलते हालात बिगड़ रहे हैं। बड़ी संख्या में लौट रहे लोगों की जांच और जरुरत के हिसाब से दवाओं की कोई व्यवस्था नहीं है। राज्य सरकार दिल्ली और दूसरे महानगरों से आ रहे परेशान हाल परिवारों को उनके घर तक पहुंचाने की सुचारू व्यवस्था करने में भी असमर्थ साबित हो रही है।’’

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