देश की खबरें | भाजपा ने पीएमएलए पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को ‘ऐतिहासिक‘ बताया
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नयी दिल्ली, 27 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के विभिन्न प्रावधानों की वैधता को बरकरार रखने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘‘ऐतिहासिक’’ करार दिया और कहा कि अब विपक्षी नेताओं को इस कानून के विरुद्ध ‘‘दुष्प्रचार’’ और राजनीतिक तर्क बंद कर देना चाहिए।
उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के कुछ ही देर बाद संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए नड्डा ने कहा कि देश के कानून का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने पीएमएलए और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की शक्तियों और उनके दायरे के बारे में निर्णय दिया है। उच्चतम न्यायालय ने पीएमएलए को बरकरार रखा है और ईडी के दायरे को भी वैध ठहराया है। हम उच्चतम न्यायालय का, अपने संविधान और कानूनों का सम्मान करते हैं।’’
उच्चतम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बुधवार को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तारी, संपत्ति की कुर्की और जब्ती से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारों को बरकरार रखा। केंद्रीय एजेंसी के लिए न्यायालय का यह फैसला काफी अहम है, क्योंकि उस पर सरकार के राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए अपने अधिकार का दुरुपयोग करने के अकसर आरोप लगते रहे हैं।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम समेत 240 से अधिक याचिकाकर्ताओं ने पीएमएलए के प्रावधानों को चुनौती दी है। न्यायालय ने यह देखते हुए कि यह दुनियाभर में एक सामान्य अनुभव है कि धनशोधन एक वित्तीय प्रणाली के अच्छे कामकाज के लिए ‘‘खतरा’’ हो सकता है, पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की वैधता को बरकरार रखा और कहा कि यह एक ‘‘साधारण अपराध’’ नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता गोरव भाटिया और नलिन कोहली ने फैसले की सराहना की और इसके प्रावधानों की आलोचना करने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना की। ज्ञात हो कि दोनों नेता उच्चतम न्यायालय में वकील भी हैं।
भाटिया ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिसमें आरोपियों को गिरफ्तार करने, उनके परिसरों की तलाशी लेने और संपत्तियों को जब्त करने की ईडी की शक्तियों को बरकरार रखा है।
उन्होंने कहा कि यह उन विपक्षी नेताओं को जवाब है जो जांच एजेंसी पर एक अभियान के तहत आरोप लगाते रहते थे।
भाटिया ने कहा कि इन नेताओं को अब आत्मचिंतन करना चाहिए क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने पीएमएलए के विभिन्न प्रावधानों की कानूनी बैधता को बरकरार रखा है।
उन्होंने कहा, “‘‘यह विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के लिए एक करारा जवाब है जो ईडी के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए क्योंकि कानून की विश्वसनीयता की पुष्टि उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई है जबकि दूसरी तरफ विपक्ष की साख सबसे निचले स्तर पर है।”
कोहली ने कहा कि इस निर्णय के बाद इस कानून के खिलाफ दुष्प्रचार और राजनीतिक तर्क समाप्त हो जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह कानून बगैर भय या पक्षपात के सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी दल इस कानून के खिलाफ, इसके इस्तेमाल के खिलाफ और ईडी के खिलाफ कोई तर्क स्थापित नहीं कर सके कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।’’
भाजपा के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, ‘‘पीएमएलए में कठोर प्रावधानों का अर्थ है कि ईडी मजबूत होगा जो संप्रग के दौरान पेश किया गया। वित्त मंत्री के रूप में पी चिदंबरम ने इसे पेश किया था। उच्चतम न्यायालय ने उसे सिर्फ बरकरार रखा है। कांग्रेस और उसके क्षमा याचकों को जश्न मनाना चाहिए कि सरकार इस मामले में उनके साथ है।’’
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